राज्य की राजनीति में इन दिनों शह और मात का खेल अपने चरम पर है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रमुख व केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह के बीच शुरू हुई जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अखिलेश यादव द्वारा जयंत चौधरी पर ‘चवन्नी से रुपया बनाने’ का तंज कसे जाने के बाद से दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखे बयानों के तीर चल रहे हैं। अब इस विवाद में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए अखिलेश यादव को सीधी चेतावनी दे डाली है।
सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयंत चौधरी ने तल्ख लहजे में कहा, “अगर मैंने अपना मुंह खोल दिया, तो उन्हें (अखिलेश यादव) उत्तर प्रदेश में खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी।”
“अखिलेश की बातों में ओछापन और हल्कापन है” – जयंत चौधरी
रालोद अध्यक्ष ने अखिलेश यादव की बयानबाजी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख जिस हल्केपन से बात करते हैं, वह कतई ठीक नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि एनडीए (NDA) में शामिल होने से पहले उनका और अखिलेश का साझा गठबंधन था। जयंत ने कहा, “गठबंधन के दौरान बहुत सारी बातें ऐसी होती हैं जो सार्वजनिक मंचों पर नहीं बताई जातीं। यह मेरी अपनी राजनीतिक गंभीरता और शालीनता है कि मैं उन बातों को उजागर नहीं कर रहा हूं।”
सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की सीटें कोई और तय नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एनडीए पूरी तरह से एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। जब हम सपा के साथ थे, तब की बातें बाहर नहीं आईं। आज अखिलेश सोशल मीडिया पर जो सीटें क्लियर करने का दावा करते हैं, क्या वो सही है? मैं अधिकार के साथ एनडीए की सीटों की बात कर रहा हूं, अब जनता खुद तय करे कि मेरी बात बड़ी है या अखिलेश की।”
चारू चौधरी की राजनीति में एंट्री पर बोले जयंत
इस राजनीतिक घमासान के बीच जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू चौधरी के हालिया भाषणों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “चारूजी के भाषण ने तो मुझे भी फेल कर दिया है। उन्होंने बहुत सटीक और कम समय में बड़ी बात रखी। उनके दिल में जो बात थी, उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखी।” जब उनसे पूछा गया कि क्या चारू चौधरी आगामी चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने कहा, “यह बात आपको उनसे पूछनी चाहिए। अगर वह चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो उन्हें हमारी पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड में जाकर आवेदन करना होगा।”





