नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश के सख्त निर्देशों और नवनियुक्त एसीईओ पुष्पराज के नेतृत्व में प्राधिकरण ने भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाजीपुर के खसरा नंबर-412 पर बनी एक विशाल अवैध इमारत को जमींदोज कर दिया गया। अदालत से कानूनी अड़चनें हटने के बाद प्राधिकरण ने यह सख्त कदम उठाया है।
अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, खसरा संख्या-412 की कुल लगभग 7,950 वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 1,200 वर्गमीटर (विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार कुल बड़े दायरे) में बनी एक बेसमेंट और चार मंजिला अवैध इमारत को निशाना बनाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस इमारत के पिलर पंचर कर उसकी छत और स्लैब को तोड़ा गया।
कार्रवाई के बाद, ध्वस्त की जा रही इमारत की दीवारों पर लाल रंग से “यह बिल्डिंग अवैध है” लिखवा दिया गया है। साथ ही, मौके पर मौजूद अतिक्रमणकर्ताओं और आम जनता को चेतावनी दी गई है कि वे इस भूमि पर किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त या निर्माण कार्य न करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि इस जमीन पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला और कानूनी विवाद?
यह वही बहुचर्चित खसरा नंबर-412 है, जहां कुछ समय पहले निर्माण कार्य पर रोक लगाने गई वर्क सर्किल-8 की टीम को भू-माफियाओं ने घेर लिया था। इस दौरान वर्क सर्किल-8 के प्रबंधक दीपक कुमार को इमारत के अंदर घसीटकर उन पर डीजल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास भी किया गया था। इस गंभीर घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने भू-माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

सेक्टर-104 स्थित इस खसरा नंबर-412 से जुड़ा कानूनी विवाद हाल ही में एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है, जब गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अदालत ने प्राधिकरण के खिलाफ जारी एकपक्षीय स्थगनादेश (Stay Order) को खारिज कर दिया।
प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुसार, यह भूमि वर्ष 2002 में ही नियमानुसार अधिग्रहित की जा चुकी थी। इसके बावजूद, वर्ष 2023 में ‘निश्याम बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड’ जैसी कंपनियों द्वारा इस पर पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू कर दिया गया था।
जून 2026 में जारी हुई थी एडवाइजरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जून 2026 में नोएडा प्राधिकरण ने एक पब्लिक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें हाजीपुर के खसरा नंबर-412 के साथ-साथ सलारपुर और भंगेल के कई अन्य खसरों को ‘अवैध और विवादित’ घोषित किया गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया था कि इन जमीनों पर किसी भी तरह का नक्शा पास नहीं किया गया है।
यह ध्वस्तीकरण अभियान भूलेख विभाग की ओएसडी हर्षिता तिवारी, ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह, महाप्रबंधक (सिविल) अशोक कुमार अरोड़ा और वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
ओ.एस.डी. इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि सीईओ कृष्णा करुणेश के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से पूरी तरह मुक्त कराया जाए। अदालत से स्टे हटने के बाद अब नोएडा प्राधिकरण के इस सख्त रुख से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आम जनता के लिए नोएडा प्राधिकरण की चेतावनी और एडवाइजरी
नोएडा प्राधिकरण ने पहले ही (जून 2026 में) एक सार्वजनिक चेतावनी जारी कर हाजीपुर के खसरा नंबर-412 के साथ-साथ सलारपुर और भंगेल के कई अन्य खसरों को ‘अवैध और विवादित’ घोषित किया हुआ है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में किसी भी भूखंड या बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं किया गया है।
अवैध निर्माण वाले प्रमुख खसरा क्षेत्र:
- ग्राम सलारपुर खादर: खसरा संख्या – 700 से 711, 723, 724, 728, 729, 730, 731 735, 745 से 752, 759, 760, 762 से 764, 779, 780, 795 से 798 इत्यादि।
- ग्राम भंगेल बेगमपुर: खसरा संख्या – 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250, 251 इत्यादि।
- ग्राम हाजीपुर: खसरा संख्या – 412।
जनता से अपील
प्राधिकरण ने स्थानीय निवासियों और निवेशकों को चेतावनी दी है कि इन खसरों की भूमि पर प्राधिकरण द्वारा बिजली, पानी, सीवर, सड़क और नाली जैसी कोई भी मूलभूत सुविधा प्रदान नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की वित्तीय हानि से बचने के लिए, संपत्ति खरीदने से पहले नोएडा प्राधिकरण से उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। इन विवादित जमीनों पर खरीद-फरोख्त करने पर होने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी क्रेता और विक्रेता स्वयं होंगे।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी नोएडा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट (https://noidaauthorityonline.in) पर भी उपलब्ध है।







