मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) क्षेत्र में आधारभूत ढांचा विकास और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को गति मिली है। बीडा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परियोजना के तहत चिन्हित 33 ग्रामों में कुल 56,662 एकड़ (प्रथम चरण में 35,298 एकड़ और द्वितीय चरण में 21,364 एकड़) के अनुमोदित क्षेत्र में से अब तक 28,874 एकड़ भूमि का अर्जन पूरा किया जा चुका है।
पिछले कुछ महीनों में भूमि अर्जन की प्रक्रिया में लगातार प्रगति दर्ज की गई है। नवंबर से सितंबर के बीच कुल 7,026 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अर्जन किया गया है। अकेले सितंबर 2026 में 616 एकड़ भूमि का अर्जन हुआ, जिससे कुल अर्जित भूमि का आंकड़ा 28,874 एकड़ तक पहुंच गया। यह भूमि बीडा क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक, वाणिज्यिक और ढांचागत विकास परियोजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।

बीडा के कुल 2,320 एकड़ क्षेत्रफल को ‘एक्टिवेश्न एरिया’ (सक्रिय क्षेत्र) के रूप में चिह्नित किया गया है, जिसके प्रथम चरण में 1,000 एकड़ क्षेत्र का विकास किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए ड्राफ्ट सेक्टर प्लान तैयार कर लिया गया है, जिसे महायोजना (मास्टर प्लान) के अनुमोदन के पश्चात अंतिम रूप दिया जाएगा। इस क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।
₹447 करोड़ से अधिक के आधारभूत विकास कार्य स्वीकृत एक्टिवेश्न एरिया के विकास के लिए 447.01 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं को प्रस्तावित किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से:
132 केवी विद्युत पारेषण लाइन और 33/11 केवी सबस्टेशन
30 एमएलडी जल ट्रंक लाइन और ओवरहेड टैंक
सड़क अवसंरचना, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, विद्युत डक्ट, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ और एवेन्यू प्लांटेशन
प्रशासनिक भवन, आईसीसीसी (Integrated Command and Control Center) और प्रवेश द्वार
इन कार्यों को ‘अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और उनके परीक्षण की प्रक्रिया जारी है।
देश की दिग्गज कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि
बीडा क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए कई राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश के प्रति रुचि व्यक्त की है। संभावित निवेशकों में समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड, रैप्हे एमफिब्र, फेयर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (लुलु समूह), प्रभातम ग्रुप, कॉनकॉर, सिद्धार्थ लॉजिस्टिक्स, सिफी टेक्नोलॉजीज, श्री सतीश चंद्र गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट (मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज) और एनआईसीडीसी शामिल हैं। ये निवेश प्रस्ताव ऑटोमोटिव, रक्षा, एफएमसीजी, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, आईटी और संस्थागत क्षेत्रों से संबंधित हैं।
क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से आगरा-ग्वालियर छह लेन एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई रेल संपर्क, मल्टीमॉडल कार्गो पार्क और डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
यूपीआईटीएस-2026 में मिला ‘बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड’
हाल ही में संपन्न यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपनी औद्योगिक संभावनाओं और विकास मॉडल का प्रदर्शन किया। इस दौरान बीडा के प्रदर्शनी स्टॉल को ‘बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष क्षेत्र की संभावनाओं को प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच प्राप्त हुआ।




