मेरठ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना परचम लहराते हुए दोनों सीटों पर धमाकेदार जीत हासिल की है। इस चुनाव परिणाम से क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में भाजपा की मजबूत पकड़ एक बार फिर साबित हुई है।
शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा की लगातार दूसरी जीत शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा उम्मीदवार श्रीचंद शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। श्रीचंद शर्मा ने कुल 18,099 वोट प्राप्त किए। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार नितिन कुमार तोमर को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
इस चुनाव में माध्यमिक शिक्षक संघ के विभिन्न गुटों के उम्मीदवार—शर्मा गुट के डॉ. सुशील कुमार पुंडीर और ठकुराई गुट के सुशील चौधरी—समेत अन्य कई प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में जनता ने सार्वजनिक मर्यादा और शुचिता को प्राथमिकता दी है, जिसका उदाहरण यह रहा कि अमर्यादित बयानों और आचरण के लिए चर्चा में रहे कुलदीप मलिक को सातवे पायदान के आसपास ही संतोष करना पड़ा।
दूसरी ओर, स्नातक खंड की सीट पर भी भाजपा के दिनेश गोयल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। दिनेश गोयल को कुल 24,928 वोट मिले। इस सीट पर सपा के प्रमेंद्र सिंह भाटी एडवोकेट दूसरे स्थान पर रहे। यहां भी शिक्षक दलों और अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
कौन हैं श्रीचंद शर्मा? (संक्षिप्त जीवन परिचय)
जन्म: 15 जून 1966 को गौतमबुद्ध नगर के धूम मानिकपुर गांव में।
शिक्षा: ज्योतिष शास्त्र से स्नातक।
सामाजिक व शैक्षणिक कार्य: उन्होंने केशव माधव शिक्षण संस्थान की स्थापना की।
राजनीतिक एवं वैचारिक सफर:
1988 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक बने।
1996 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला प्रमुख बने।
1998 में सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और 2000 में आरएसएस के जिला प्रचार प्रमुख का दायित्व संभाला।
2004 से 2007 तक भाजपा के गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष रहे।
2013 से 2016 तक भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी निभाई।
2019 में पहली बार भाजपा के शिक्षक सीट से एमएलसी प्रत्याशी बने और 2020 में जीत हासिल की। अब 2024/वर्तमान चुनावों में उन्होंने दोबारा शानदार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है।
इस दोहरी जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल है। पार्टी कार्यालयों में मिष्ठान वितरण और जश्न का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय मतदाताओं और बुद्धिजीवियों का मानना है कि दोनों विजेताओं के पिछले कार्यकाल के कार्यों को देखते हुए शिक्षकों और स्नातकों ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है।



