नोएडा: सेक्टर-28 स्थित विश्व भारती स्कूल से सेक्टर-61 तक बनी शहर की पहली एलिवेटेड रोड पर बार-बार सड़क धंसने और गड्ढे होने की समस्या की तकनीकी जांच अब आईआईटी रुड़की की टीम करेगी। चार दिन के भीतर दूसरी बार सड़क धंसने की घटना सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है, जिससे निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञों की टीम बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंचेगी और प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विभाग के साथ संयुक्त रूप से घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। इस दौरान सड़क की ऊपरी परत (सरफेस), कंक्रीट और नीचे मौजूद स्टील स्ट्रक्चर की मजबूती व स्थिति की बारीकी से जांच की जाएगी। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थायी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
एक लेन बंद सुरक्षा के लिहाज से सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाली एलिवेटेड रोड की एक लेन को फिलहाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यातायात पुलिस ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। जब तक मरम्मत और जांच का कार्य पूरा नहीं होता, वाहन चालकों को एलिवेटेड रोड के नीचे बने एमपी-2 मार्ग (मास्टर प्लान रोड-2) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने और मरम्मत का कार्य पूरा होने में कुछ दिन का समय लग सकता है। हालांकि, अधिकारियों का यह भी दावा है कि शुरुआती आकलन के अनुसार एलिवेटेड रोड के मुख्य स्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ा है और पुल पूरी तरह सुरक्षित है, फिर भी वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
चार दिन में दूसरी बार धंसी सड़क
गौरतलब है कि इस्कॉन मंदिर के सामने शनिवार रात एलिवेटेड रोड की सड़क धंसने से एक गड्ढा हो गया था, जिसे प्राधिकरण ने तुरंत भरवा दिया था। लेकिन, मंगलवार को ठीक उसी जगह पर लगभग एक मीटर के दायरे में सड़क की परत उखड़ गई, जिससे नीचे की स्टील प्लेट और सरिए तक साफ नजर आने लगे। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए तुरंत बैरिकेडिंग कर उस हिस्से को बंद कर दिया गया।
इंजीनियरिंग विभाग के शुरुआती निरीक्षण में गड्ढे के स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके, जिसके बाद आईआईटी रुड़की और उत्तर प्रदेश सेतु निगम की तकनीकी टीम से इसकी गहन जांच कराने का निर्णय लिया गया। जांच में यह परखा जाएगा कि यह तकनीकी खामी केवल ऊपरी परत तक सीमित है या इसके कंक्रीट और आंतरिक स्ट्रक्चर में भी कोई दोष है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल यह पहला मौका नहीं है जब इस एलिवेटेड रोड पर इस तरह की समस्या आई है। इससे पहले पिछले महीने भी सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की तरफ उतरते समय सेक्टर-28 के पास सड़क धंस गई थी और एक गहरा गड्ढा बन गया था। कम समय में बार-बार सड़क उखड़ने की इन घटनाओं ने शहर के इस प्रमुख बुनियादी ढांचे की निर्माण गुणवत्ता और इसके रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



