यमुना प्राधिकरण के अध्यक्ष अनिल सागर के कोर्ट के आदेश के बाद पद से हटाए जाने के परिणाम प्राधिकरण के कार्यशैली और आगामी बैठकों तक पर पड़ने लगा है । सोमवार को इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई है जिसके बाद आगे की दिशा तय होगी।
सूत्रों का दावा है कि यमुना प्राधिकरण में अब कई घोटालों की फाइल है खुल सकती हैं इसके चलते 23 दिसंबर को होने वाली बोर्ड बैठक फिलहाल टाल दी गई है । अब तक इस बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने को लेकर प्राधिकरण में दिन-रात काम चल रहा था यहां तक की शनिवार रविवार को भी कार्यालय खोलकर काम करने के आदेश थे।
यमुना प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद सागर पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने दो एक जैसे मामलों में अलग-अलग देश जारी किए हैं जानकारी के अनुसार 2022 में 14 बिल्डरों को जमीन आवंटन रद्द किया गया था उसके बाद इनबिल्डरों ने अध्यक्ष के पास अपील करी अध्यक्ष ने तीन मामलों में एक साथ सुनवाई की । सुनवाई के बाद दो बिल्डरों का आवंटन बहाल कर दिया गया जबकि एक को सही बताया
कोर्ट के इंटरव्यू के बाद अब न सिर्फ प्रमुख सचिव बल्कि यमुना प्राधिकरण के बीते 5 साल से एक्सटेंशन पा रहे सीईओ अरुणवीर सिंह के नए एक्सटेंशन पर भी तलवार लटकती दिखाई दे रही है । प्राधिकरण के स्रोतों की माने तो अब सरकार अरुणवीर सिंह को एक और नया एक्सटेंशन देकर किसी तरीके की के नए विवाद में नहीं फंसना चाहेगी
ऐसे में अगले एक सप्ताह में यमुना प्राधिकरण में कई नए अधिकारियों की आहट सुनाई दे सकती है । या फिर कई नए और बड़े खुलासे भी हो सकते है ।


