नोएडा शहर के तीन दर्जन से अधिक सेक्टरों के निवासी इन दिनों नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की कथित अनदेखी और अनुत्तरदायी रवैये से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। सड़कों की बदहाली, चौपट सफाई व्यवस्था और अंधेरे में डूबे सेक्टरों जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर निवासियों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। आगामी मानसून की आहट के साथ, यह प्रशासनिक निष्क्रियता निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
समस्याओं का अंबार: वर्क सर्कल 1 से 5 तक प्रभावित
यह मामला मुख्य रूप से प्राधिकरण के वर्क सर्कल एक से पांच के अंतर्गत आने वाले सेक्टरों से जुड़ा है। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (FONRWA) कार्यालय में इन सर्कलों के कई आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने सेक्टर से जुड़ी समस्याओं को लेकर विस्तृत शिकायती पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में टूटी सड़कों, पार्कों की बदहाली, स्ट्रीट लाइटों की कमी से रहने वाला घना अंधेरा, सीवर लाइनों की अव्यवस्था और नाले-नालियों की सफाई न होने जैसी तमाम समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
अधिकारी नदारद, फोन का जवाब नहीं
निवासियों और जन प्रतिनिधियों का आरोप है कि प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी, विशेष रूप से महाप्रबंधक (जीएम) एस.पी. सिंह, उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि जीएम सिंह को बार-बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कभी फोन का जवाब नहीं दिया। कार्यालय में मिलने का प्रयास करने पर भी वे अक्सर ‘मीटिंग में व्यस्त’ पाए जाते हैं, जिससे सेक्टरों की समस्याओं का समाधान तो दूर, अधिकारियों से संपर्क साधना ही एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सेक्टर 55 आरडब्ल्यूए महासचिव ने बयां की पीड़ा
सेक्टर 55 आरडब्ल्यूए के महासचिव नीरज शर्मा ने मीडिया को बताया, “हमने कई बार जीएम एस पी सिंह से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आजतक कभी उन्होंने फोन नहीं उठाया। शिकायती पत्र भेजे महीनों बीत गए हैं, लेकिन उसका समाधान तो दूर, एक रिप्लाई तक नहीं आता।” शर्मा ने आगे कहा कि इस उदासीनता के चलते आरडब्ल्यूए पदाधिकारी भी अपने निवासियों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे सामुदायिक स्तर पर निराशा बढ़ रही है।

मानसून की दस्तक और जलभराव का डर
आगामी एक महीने में मानसून के दस्तक देने की संभावना है, जिससे सेक्टरवासियों की चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। यदि नाले-नालियों की सफाई और उनसे जुड़े अन्य आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो पिछले साल की तरह इस बार भी नोएडा के इन सेक्टरों में जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति निवासियों के लिए अतिरिक्त परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है।
सेक्टरों में व्याप्त समस्याओं और प्रशासनिक उपेक्षा का यह आलम अगर जल्द नहीं सुधरा, तो आगामी मानसून में निवासियों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं, और प्राधिकरण पर जनता का विश्वास भी कमज़ोर पड़ सकता है। निवासियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों से इस मामले पर तत्काल ध्यान देने और लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।


