आया मौसम किसान आंदोलन का : नोएडा प्राधिकरण पर भाकियू मंच का अनिश्चित कालीन धरना शुरू, क्या प्रशासनिक गतिरोध के पीछे राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं की लम्बी है कहानी!

NCRKhabar Mobile Desk
8 Min Read

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में किसानों के मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन मंच (BKUM) ने आज से नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यह आंदोलन न केवल भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मुद्दों पर केंद्रित है, बल्कि इसके पीछे गहन सामाजिक और राजनीतिक रणनीतियाँ भी कार्य कर रही हैं। भारतीय किसान यूनियन मंच ने दावा किया , कि 81 गांवों के सैकड़ो किसानों ने आज एकजुट होकर नोएडा प्राधिकरण को घेर लिया। आज के धरने की अध्यक्षता अनुप निर्वाण ने की, जबकि मंच संचालन सुनील भाटी और आशीष चौहान ने सफलतापूर्वक संभाला।

- Support Us for Independent Journalism-
Ad image

प्राधिकरण के गेट पर टकराव: बैरिकेडिंग ध्वस्त

दिन की शुरुआत हरौला बारात घर से पैदल मार्च के साथ हुई। दोपहर लगभग 1 बजे, सैकड़ों किसान नारों के साथ नोएडा प्राधिकरण सेक्टर 6 स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। यहां पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग लगा रखी थी। किसानों ने स्पष्ट प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और सीधे नोएडा प्राधिकरण के स्वागत कक्ष के सामने चौराहे पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी दर्ज की गई, जिसने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी।

इस अप्रत्याशित आक्रामकता के बाद, लगभग 3 बजे नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने मध्यस्थता का प्रयास किया। ओएसडी क्रांति शेखर, अरविन्द कुमार और एसीपी प्रवीण कुमार किसानों के बीच पहुंचे, उन्होंने प्राधिकरण के अंदर वार्ता करने का प्रस्ताव रखा।

img 20251029 wa00281359660241041330100

हालांकि, किसानों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उनका स्पष्ट रुख था कि प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी केवल धरना स्थल पर ही आए और उन्हें सार्वजनिक रूप से यह बताए कि किसानों के कौन-कौन से कार्य किए गए हैं या वर्तमान में किए जा रहे हैं। किसानों ने किसी भी बंद कमरे की वार्ता को अस्वीकार करते हुए पारदर्शिता की मांग रखी। प्रस्ताव खारिज होने के बाद अधिकारी वापस लौट गए।

- Advertisement -
Ad image

अधिकारियों की चुप्पी और सीईओ की अनुपस्थिति पर गहरा रोष

किसानों और प्राधिकरण के अधिकारियों (ओएसडी क्रांति शेखर, अरविंद कुमार) के बीच सवाल-जवाब का दौर लगभग 40 मिनट तक चला। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने अधिकारियों से सभी लंबित बिंदुओं पर जवाब मांगा। लंबी चर्चा के बावजूद, अधिकारियों ने किसानों को कोई भी ठोस या संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस निराशाजनक परिणाम के बाद, किसानों ने तत्काल प्रभाव से निर्णय लिया कि अब आगे की वार्ता केवल नोएडा प्राधिकरण के चैयरमेन दीपक कुमार से ही की जाएगी। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी अन्य निचले स्तर के अधिकारी से कोई चर्चा नहीं करेंगे। किसानों में इस बात पर भी भारी रोष देखा गया कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. किसानों के बीच नहीं पहुंचे।

जब तक किसानों के सभी मुद्दे हल नहीं हो जाते, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। एलआईयू और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के माध्यम से तत्काल चेयरमैन दीपक कुमार से किसानों की मीटिंग तय कराई जाए। नोएडा प्राधिकरण को अब केवल कागजी कार्यवाही के बजाय जमीनी हकीकत पर कार्य करना शुरू करना चाहिए, क्योंकि इस बार केवल कोरे आश्वासन पर धरना समाप्त नहीं होगा।

सुधीर चौहान -राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन मंच , नेता समाजवादी पार्टी

उत्सव रूपी आन्दोलन के सामाजिक और राजनीतिक निहितार्थ

नोएडा में शुरू हुए इस अनिश्चितकालीन आंदोलन को केवल प्रशासनिक उदासीनता के परिणाम के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। राजनीतिक विश्लेषक इस आंदोलन को एक व्यापक रणनीति के तहत ‘आंदोलन रूपी उत्सव’ के तौर पर देख रहे हैं, जिसके पीछे गहरे सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी काम कर रहे हैं।

आंदोलन का सामाजिक एंगल: ‘खाली समय’ की रणनीति

आंदोलन के समय को लेकर सामाजिक एकरूपता स्पष्ट है। उत्तर भारत में अक्टूबर महीने में खरीफ की फसलें (जैसे धान और मक्का) कट चुकी होती हैं। ऐसे में किसान समुदाय, जो कृषि कार्यों से कुछ समय के लिए निवृत्त हो जाता है, उसके पास विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए पर्याप्त समय होता है। किसानों के लिए यह खाली समय अक्सर ‘आंदोलन रूपी उत्सव’ का समय है, जहां वे सामूहिक रूप से अपनी ऊर्जा और मांगों को सरकारों के सामने रखते हैं। इसके अलावा, किसान नेताओं के लिए यह समय जिले की राजनीति में अपना चेहरा चमकाने और अपनी पकड़ मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान करता है।

आंदोलन का राजनीतिक एंगल: टिकट की दावेदारी और शक्ति प्रदर्शन

इस आंदोलन को एक प्रमुख राजनीतिक आयाम से देखा जा रहा है। हाल ही में भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हुए हैं। नोएडा क्षेत्र, जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गढ़ माना जाता है, में समाजवादी पार्टी की स्थिति ऐतिहासिक रूप से कमजोर रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद, SP यहाँ 63,000 वोटों से अधिक का समर्थन हासिल नहीं कर पाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसान आंदोलन के बहाने सरकार को झुकाने या प्रशासन पर दबाव बनाने की यह रणनीति, सुधीर चौहान द्वारा अपनी पार्टी में कद मजबूत करने का प्रयास हो सकती है। यह आंदोलन उन्हें नोएडा में अपनी संगठनात्मक शक्ति और किसानों पर अपने प्रभाव का प्रदर्शन करने का अवसर दे रहा है।

माना जा रहा है कि इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए सुधीर चौहान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं, विशेष रूप से गढ़मुक्तेश्वर जैसे क्षेत्रों से टिकट हासिल करने के लिए। पार्टी में शामिल होने के बाद से ही सुधीर चौहान लगातार बैनर-पोस्टर और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में माहौल बनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। किसानों का यह बड़ा जमावड़ा उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को बल देता है और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को यह संदेश देता है कि वे नोएडा जैसे कठिन क्षेत्र में भी जनता को लामबंद करने की क्षमता रखते हैं।

sudhir chauhan

ऐसे में नोएडा प्राधिकरण में शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासनिक गतिरोध से अधिक, आगामी राजनीतिक उठापटक का संकेत है। किसानों द्वारा केवल चेयरमैन से वार्ता करने की मांग और सीईओ की अनुपस्थिति पर रोष, यह दर्शाता है कि किसानों का नेतृत्व अब आसानी से संतुष्ट नहीं होगा। चूंकि यह आंदोलन ऐसे सामाजिक समय पर हो रहा है जब किसानों के पास विरोध के लिए पर्याप्त समय है, और इसके पीछे एक सक्रिय राजनीतिक नेतृत्व है जो अपनी पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत करने की जुगत में है, इसलिए यह संभावना है कि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं होगा।

Share This Article
एनसीआर खबर दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews.ncrkhabar@gmail.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I अपना सूक्ष्म सहयोग आप हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : 9654531723@paytm के जरिये दे सकते है