नोएडा: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास की नीतियों को नई दिशा देने के लिए गठित ‘स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन’ (STC) में नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर (GM) आर.पी. सिंह को विशेषज्ञ सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। नीति आयोग की तर्ज पर काम करने वाले इस उच्च-स्तरीय आयोग के सीईओ पूर्व मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह हैं।
जीएम आर.पी. सिंह की नियुक्ति उत्तर प्रदेश के शहरी नियोजन (Urban Planning) में आने वाले बड़े बदलावों का संकेत भी है। आरपी सिंह अब आयोग के सदस्य के तौर पर राज्य की बड़ी परियोजनाओं और शहरी विकास की रूपरेखा पर अपना तकनीकी परामर्श देंगे।
एक्सप्रेसवे और शहरी सड़कों के बीच का अंतर
आयोग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती राज्य की शहरी सड़कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुरूप बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (UPEIDA) द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे आज गुणवत्ता के मामले में वैश्विक स्तर के हैं। हालांकि, राज्य के शहरी इलाकों की सड़कें इस दौड़ में काफी पीछे हैं।
शहरी सड़कों की खराब गुणवत्ता के पीछे मुख्य कारण ‘यूटिलिटी मैनेजमेंट’ (Utility Management) का अभाव है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान पानी, सीवर, बिजली और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) जैसी बुनियादी सेवाओं की न तो सटीक मैपिंग की जाती है और न ही डिजाइन में ‘यूटिलिटी कॉरिडोर’ का कोई प्रावधान रखा जाता है।
इसका परिणाम यह होता है कि नई सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद अलग-अलग विभाग खुदाई शुरू कर देते हैं, जिससे सड़क की उम्र और गुणवत्ता दोनों खत्म हो जाती है। इसके अलावा, दोषपूर्ण ड्रेनेज सिस्टम (निकासी व्यवस्था) भी सड़कों को समय से पहले जर्जर बना देता है।
आयोग का लक्ष्य: ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए नए मानक
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन ने इस समस्या के समाधान के लिए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की मुख्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित होंगी:
मैपिंग और समन्वय: शहरी सड़कों के नीचे बिछी तमाम यूटिलिटीज की मैपिंग करना और विभागों के बीच ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) के लिए एक सुदृढ़ सिस्टम विकसित करना।
SoR में बदलाव: पीडब्ल्यूडी (PWD), सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) और सिंचाई विभाग के मौजूदा ‘शेड्यूल ऑफ रेट्स’ (SoR) की समीक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्राप्त करने के लिए नए रेट्स और तकनीकों का सुझाव देना।
इमारतों की गुणवत्ता: सड़कों के साथ-साथ शहरी इमारतों को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाना, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस परिवर्तनकारी अभियान के लिए सरकार ने देश-विदेश के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया है। कमेटी का समन्वय एडिशनल चीफ एस.एन. करेंगे। प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:
- बी.पी. सिंह: रिटायर्ड चीफ इंजीनियर (PWD) एवं पूर्व जेएमडी, यूपी ब्रिज कॉर्पोरेशन।
- आर.के. चौधरी: चीफ इंजीनियर, UPEIDA।
- ए.के. गुप्ता: प्रिंसिपल अर्बन एडवाइजर, लखनऊ।
- डॉ. अंकित गुप्ता: प्रोफेसर, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी।
- श्री. आर. पी. सिंह,जनरल मैनेजर, नोएडा।
- प्रशांत कुमार: आईआईटी रुड़की।
- शशांक शेखर: प्रिंसिपल ट्रांसपोर्टेशन प्लानर (यूएसए), जो अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना और टेक्सास में बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर रहे हैं।
- जुआन डोमिंगो फैब्रे: स्पेन के स्वतंत्र विशेषज्ञ और स्पैनिश एसोसिएशन ऑफ सिविल इंजीनियर्स के सदस्य।
- अक्षत वर्मा: एडिशनल सीईओ, स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (सदस्य सचिव)।


