मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई पर दिखने लगा है। आज, 7 मार्च 2026 से रसोई गैस (LPG) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम जनता के बजट पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम आज से लागू हुई नई दरों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 का इजाफा किया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर ₹853 के बजाय ₹913 में मिलेगा।

वहीं, व्यावसायिक (Commercial) गैस उपभोक्ताओं को और भी बड़ा झटका लगा है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹115 की भारी वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹1,883 और मुंबई में ₹1,835 हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमर्शियल गैस महंगी होने से बाहर खाना-पीना भी महंगा हो सकता है।
बुकिंग के नियमों में बदलाव: अब करना होगा लंबा इंतजार मूल्य वृद्धि के अलावा, सरकार और तेल कंपनियों ने आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग के नियमों में भी कड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता 15 दिन के बजाय 21 दिन के अंतराल पर ही अपना अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 15 दिन थी। इस फैसले का उद्देश्य स्टॉक को मैनेज करना और युद्ध के कारण उत्पन्न संभावित किल्लत से निपटना बताया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट संकट और बढ़ती महंगाई इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहा युद्ध और वैश्विक स्तर पर तेल व गैस की अस्थिर आपूर्ति को माना जा रहा है। होली के त्योहार के तुरंत बाद आई इस खबर ने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। गौरतलब है कि इससे पहले 1 मार्च को भी कमर्शियल गैस के दामों में मामूली बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन इस बार का झटका काफी बड़ा है।
सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर असर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए फिलहाल वर्तमान सब्सिडी जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन बाजार मूल्य (Market Price) में हुई इस भारी वृद्धि का असर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जहां एक ओर सब्सिडी वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है, वहीं सामान्य उपभोक्ताओं के लिए घर का बजट संभालना चुनौतीपूर्ण होगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खाने-पीने की वस्तुओं के साथ अब ईंधन के बढ़ते दामों ने उनकी कमर तोड़ दी है। लोगों का मानना है कि बुकिंग की अवधि को 21 दिन करना भी उन परिवारों के लिए मुश्किल होगा जहां गैस की खपत अधिक है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों में और अधिक अस्थिरता की संभावना जताई जा रही है।


