शिवालिक होम्स: बिल्डर की लापरवाही पर यूपीसीडा का कड़ा रुख, एक सप्ताह के भीतर ओसी/सीसी और बकाया जमा करने का अंतिम नोटिस

superadminncrkhabar
3 Min Read

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) ने ग्रेटर नोएडा स्थित ‘शिवालिक होम्स’ परियोजना के बिल्डर के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई परियोजना के लिए आवश्यक विधिक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में की जा रही निरंतर देरी और वित्तीय अनियमितताओं के मद्देनजर की गई है।

- Support Us for Independent Journalism-
Ad image

प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, बिल्डर को एक सप्ताह के भीतर ‘अधिभोग प्रमाण पत्र’ (OC) और ‘पूर्णता प्रमाण पत्र’ (CC) सहित सभी लंबित दस्तावेज जमा करने और बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

- Advertisement -
Ad image

आवंटियों में बढ़ता असंतोष

प्राधिकरण के सूत्रों ने पुष्टि की है कि बिल्डर द्वारा ओसी/सीसी जमा करने में की गई लंबी देरी के कारण सैकड़ों आवंटियों को अपने फ्लैटों का कब्जा (possession) मिलने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। नियत समय पर घर न मिलने के कारण घर खरीदारों के बीच गहरा असंतोष व्याप्त है। कई आवंटियों ने इस संबंध में प्राधिकरण से शिकायत की थी, जिसके बाद यूपीसीडा ने यह कड़ा कदम उठाया है।

कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने इस मामले में कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि नियामक प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार, यदि बिल्डर सात दिनों की दी गई समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताओं को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ बिल्डर का लाइसेंस रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाइयां भी शामिल हो सकती हैं।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर प्राधिकरण का यह कदम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और बिल्डरों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। यूपीसीडा के सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन कराना है, बल्कि उन सैकड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों की रक्षा करना भी है जिन्होंने अपनी जीवन भर की पूंजी इस परियोजना में निवेश की है।

फिलहाल, रियल एस्टेट बाजार की नजरें शिवालिक होम्स के बिल्डर के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि समय सीमा का पालन न करने की स्थिति में परियोजना के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं।

Share This Article