अप्रैल माह में श्रमिकों के आंदोलन और कुछ स्थानों पर हुई हिंसक घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों की समस्याओं और सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, औद्योगिक नगरी नोएडा में भी श्रमिकों के कल्याण के लिए कई नए प्रयास शुरू किए गए हैं। 1 मई को लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के श्रमिकों के लिए तमाम बड़ी घोषणाएं किए जाने के तुरंत बाद, नोएडा प्राधिकरण ने अपने सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देश पर, शहर में बने पुराने श्रमिक आवासों ‘श्रमिक कुंज’ की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।
प्राधिकरण ने श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शहर के विभिन्न सेक्टरों में स्थित इन श्रमिक कुंजों में मरम्मत कार्य का शुभारंभ करवाया। नोएडा में सेक्टर-66, 93, 110 और 122 में श्रमिक कुंज बने हुए हैं, जिनमें हजारों श्रमिकों को आवास सुविधा उपलब्ध है।
मरम्मत कार्य और आवासों का विवरण: प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) ए.के. अरोरा ने एनसीआर खबर से विशेष बातचीत में बताया कि इन आवासों की स्थिति सुधारने पर तत्काल ध्यान दिया जा रहा है।
सेक्टर-66: यहां 900 श्रमिक आवास हैं, और मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
सेक्टर-93: इस श्रमिक कुंज में 2040 आवास हैं।
सेक्टर-110: यहां 960 श्रमिक आवास हैं।
सेक्टर-122: इस कुंज में 1248 आवास और 12 दुकानें शामिल हैं।
जीएम अरोरा ने स्पष्ट किया कि मरम्मत कार्य में प्रमुख रूप से प्लास्टर, प्लंबिंग और शौचालयों की मरम्मत शामिल है। इसके अतिरिक्त, परिसर के भीतर की सड़कों और नालियों की रिपेयरिंग का काम भी किया जा रहा है ताकि स्वच्छता और आवागमन की बेहतर सुविधा सुनिश्चित हो सके।
नई सुविधाओं पर भी जोर
मरम्मत और रखरखाव के इन प्रयासों के साथ ही, नोएडा प्राधिकरण श्रमिकों के लिए भविष्य में कई नई सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसमें नए श्रमिक हॉस्टल का निर्माण, सुविधा केंद्र स्थापित करना और यहां तक कि रिसर्च लैब जैसी परियोजनाएं भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर और कार्य परिस्थितियों में व्यापक सुधार लाना है।
जीएम अरोरा ने श्रमिकों को औद्योगिक शहर की ‘रीढ़’ की हड्डी बताते हुए इन सभी प्रयासों को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देशों का परिणाम बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन ठोस कदमों से श्रमिकों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकेगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे नोएडा के औद्योगिक विकास में उनका योगदान और भी सशक्त हो सकेगा।


