यमुना प्राधिकरण के नए बजट बैठक के बाद अब यहां संपत्ति खरीदना और महंगा महंगा हो गया है शुक्रवार को चेयरमैन आलोक कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने महंगाई बढ़ाने वाले इस बजट को पेश करते हुए सभी श्रेणी के आवंटन दरों में लगभग 4% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास कर दिया । इससे पहले सीईओ राकेश कुमार सिंह ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक त्विकास प्राधिकरण के बोर्ड के सामने वित्तीय वर्ष 2026 -27 के लिए बजट का आवंटन आए और व्यय के प्रस्ताव रखें । बोर्ड के निर्देश पर उद्योगों में ट्रांसपोर्ट लैंडयूज की दरें तय करने के लिए एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और मल्टीपल लैंडयूज के लिए एसीईओ यीडा मनीष मीणा की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। इसमें नोएडा व ग्रेनोप्राधिकरण के सीईओ के नामित वित्त अधिकारी भी सदस्य होंगे। अगली बोर्ड बैठक में इन समितियों की रिपोर्ट पेश की जाएगी जिससे इन दोनों लैंडयूज की भी दरों को तय करने पर फैसला लिया जा सके।
रोचक तथ्य है कि अपने 25 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं यमुना प्राधिकरण ने इस बार भी इस क्षेत्र को नया नाम देने का प्रस्ताव नहीं रखा आपको बता दें कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र आज तक ग्रेटर नोएडा के नाम से ही जाना जा रहा है जबकि इस जिले के विकास और विस्तार को देखते हुए इसे नोएडा के सापेक्ष ग्रेटर नोएडा, न्यू नोएडा की तरह साउथ, ईस्ट या वेस्ट नोएडा जैसा नाम दिए जा सकते थे।

बजट में मुख्य जोर जमीन खरीदने पर, नगर विकास पर कोई बात नहीं, क्या, कहां खर्च होगा ?
आंकड़ों में देखा जाए तो 11811 करोड़ का यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है । किंतु इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 8000 करोड रुपए सिर्फ जमीन अधिग्रहण के लिए खर्च होगा। यमुना क्षेत्र में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए मात्र 300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया जबकि इसी नोएडा एयरपोर्ट को नोएडा प्राधिकरण 1600 करोड रुपए अंशदान देगा। जबकि कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर लगभग 300 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि अन्य विकास कार्यों के लिए 2011 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे ।
पूरे बजट की विशेषता भी यही है कि 2000 करोड़ में विकास कार्यों को समेट दिया गया है किंतु बजट में प्राथमिकताएं तय नहीं की गई हैं हैरानी की बात यह है कि जब यह बजट पेश हो रहा था तब जेवर के लोग एयरपोर्ट के उद्घाटन के पहले क्षेत्र की सड़कों के खराब होने और उनमें बारिश के कारण पानी भरने के वीडियो वायरल कर रहे थे जिससे यह पता चल रहा था की यमुना प्रकाश प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस नाम शहर में विकास कार्यों की क्या स्थिति है ।
बजट में विस्थापित किसानों के लिए सरकारी स्कूल अस्पताल, सड़क जैसी जरूर महत्वपूर्ण विषयों पर कोई ध्यान नहीं है औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण शुरू होने से पहले ही एक्सप्रेसवे के जरिए सेक्टर 28- 29 में घुसने के लिए बने रास्ते पर जेपी द्वारा लगाए गए टोल पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस टोल के जरिए आने और जाने से के लिए ₹80 लिए जा रहे हैं । प्रश्न यह है कि यहां नौकरी करने आने वाला व्यक्ति प्रतिदिन ₹80 का टोल क्यों देगा ?
आरंभ से ही अपने अव्यवहारिक रवैए ओर रखे व्यवहार के कारण विवादों में रहे यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के इस बजट में लगभग 4% की वृद्धि के बाद यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उद्योग अस्पताल स्कूल से लेकर सभी जमीन महंगी हो जाएंगे। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा । यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह का दावा है कि मुद्रा स्पीति की दर को देखकर आवंटन दर में मामूली वृद्धि की गई है हालांकि इस मामूली वृद्धि ने इस क्षेत्र में उद्योगों के लिए राह कठिन कर दी है । लगभग चार प्रतिशत की वृद्धि को मुद्रास्फीति से जोड़ने के दावे को अव्यावहारिक बताते नोएडा शहर के उद्योग संगठनों का कहना है अच्छा हुआ सीईओ राकेश कुमार सिंह का ध्यान वैश्विक परिदृश्य में हो रहे युद्ध पर नहीं गया, नहीं तो वह उसके नाम पर भी वो 4% की वृद्धि और कर सकते थे।
ऐसे में इस हवा हवाई बजट के लिए हमें भले ही किसी मजबूरी में सीईओ राकेश कुमार सिंह को भगवान राम का अवतार कहना पड़े किंतु सच यही है कि इस विधान सभा चुनाव के पहले राम राज्य के दावे वाले बजट में आम आदमी के लिए सिर्फ महंगाई है, विकास की बाते हवा हवाई है । इस बजट से आने वाले समय में उद्योग, स्कूल, अस्पताल और आम आदमी के रहने का घर सब कुछ महंगा होने जा रहा है और अगर उद्योगपतियों के लिए यहां पर लागत बढ़ती है तो वह यहां की अपेक्षा अन्य क्षेत्रों में निवेश के राह देख सकते है।


