आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Puch AI के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह फैसला Invest UP द्वारा लिया गया, जिसके पीछे मुख्य कारण कंपनी द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफलता और उसके दावों की सत्यता पर उठे गंभीर सवाल हैं। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध और कंपनी की पृष्ठभूमि की गहन जांच के बाद सामने आया है, जिसने राज्य में निवेश प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और ‘ड्यू डिलिजेंस’ पर कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

Invest UP की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह समझौता जिसकी समीक्षा के दौरान निवेशक से जरूरी दस्तावेज और जानकारी मांगी गई थी, लेकिन कंपनी समय पर इन्हें उपलब्ध कराने में विफल रही। सूत्रों के अनुसार, Puch AI द्वारा किए गए निवेश के दावे भी फर्जी पाए गए हैं। यह समीक्षा प्रक्रिया तब तेज हुई जब इस पूरे मसले पर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भारी बखेड़ा खड़ा हो गया।
असल में, इस पूरे विवाद की जड़ Invest UP के अधिकारियों की ओर से हुई कथित चूक में निहित है। इतने बड़े निवेश के प्रस्ताव को लेकर अधिकारियों ने आनन-फानन में बिना पर्याप्त दस्तावेजों की जांच किए ही कंपनी के साथ एमओयू कर लिया था। इतना ही नहीं, कंपनी के प्रतिनिधि सिद्धार्थ भाटिया की मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात भी करवा दी गई थी। मुख्यमंत्री के कार्यालय की टीम ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इस मुलाकात की तस्वीरें भी जारी की थीं, जिसे कंपनी ने भी अपनी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में इंटरनेट मीडिया पर साझा किया।
हालांकि, जल्द ही यह करार सोशल मीडिया पर गहन scrutiny का विषय बन गया। जागरूक नागरिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने Puch AI के प्रोफाइल की जांच की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि कथित तौर पर मल्टी-करोड़ निवेश का दावा करने वाली इस कंपनी की वास्तविक क्षमता मात्र 42.9 लाख रुपये की थी। इस खुलासे के बाद लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर इस करार को लेकर सरकार और Invest UP की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इस विरोध प्रदर्शन के बढ़ते क्रम में, आपके प्रिय न्यूज़ पोर्टल एनसीआर खबर ने भी इस विषय पर विस्तृत समाचार प्रकाशित कर जनता के बीच इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर किया था।
बढ़ते जनदबाव और पारदर्शिता की मांग के चलते, Invest UP ने कंपनी को बीते गुरुवार तक संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अंतिम अवसर दिया था। गुरुवार शाम तक भी जब कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया या दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए, तो Invest UP ने तत्काल प्रभाव से एमओयू को निरस्त करने का फैसला किया। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है। देर रात 9:56 बजे, Invest UP ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी एमओयू निरस्त होने संबंधी सूचना जारी करते हुए लिखा कि यह निर्णय ‘पारदर्शिता और कंपनी द्वारा निर्धारित समय पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराने’ के कारण सरकार के निर्देश पर लिया गया है।
Puch AI के बाद क्या होगी आगे सभी MOU की जांच
यह पूरा प्रकरण, उत्तर प्रदेश जैसे एक बड़े राज्य में निवेश आकर्षित करने वाली एजेंसी (Invest UP) की प्रारंभिक जांच प्रक्रियाओं और ‘ड्यू डिलिजेंस’ की कमी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है। यह घटना दर्शाती है कि करोड़ो रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर करने से पहले कितनी गहनता से कंपनियों की पृष्ठभूमि, वित्तीय क्षमता और दावों की सत्यता की जांच होनी चाहिए। इसके साह ही बीते एक वर्ष में हुए सभी कर्रो की जांच होनी चाहिए, ख़ास तोर पर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होने वाले इन्वेस्टमेंट की I एनसीआर खबर को मिली जानकारी के अनुसार यहाँ भी बीते 10 माह में कई ऐसी कम्पनियों के साथ MOU साइन किये गए है जिनको लेकर भविष्य में प्रश्न उठ सकते है I कई ऐसी युनिवेर्सिटी, मेडिकल कालेजो से लेकर इंस्टिट्यूट तक को आवश्यकता से अधिक भूमि देने के प्रस्ताव बनाये गए है I अधिकारियो द्वारा निवेशको की आर्थिक स्थिति ना जांच पाने का ही नतीजा है कि आज तक यहाँ फिल्म सिटी शुरू नहीं हो पाई है I दरअसल 5 वर्ष पूर्व यमुना प्राधिकरण ने बोनी कपूर को 231 एकड़ भूमि पीपीपी मोडल पर दे दी थी जिसको ३ साल में प्रथम चरण का कार्य पूरा होना था I किन्तु आज तक यहाँ भूमि पूजन तक नहीं हो पाया है I


