पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए और निर्णायक अध्याय की शुरुआत हो गई है। तमाम राजनीतिक अटकलों और कयासों पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुन लिया है।
शुक्रवार को न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस निर्णायक बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित थे, जबकि उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।
सर्वसम्मति से चुनी गई कमान
बैठक के दौरान 206 नवनिर्वाचित विधायकों (सुवेंदु अधिकारी के दो सीटों से जीत हासिल करने के बाद) ने सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना। सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर किसी भी तरह का विरोध दर्ज नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी का पूरा नेतृत्व उनके नाम पर एकजुट है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह
मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद, अब सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

इस शपथ ग्रहण समारोह को लेकर व्यापक सुरक्षा और इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए विभिन्न भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कोलकाता पहुंचेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके चयन के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अब नई सरकार की प्राथमिकताओं और चुनौतियों पर सबकी नजरें टिकी होंगी।


