आउटर नोएडा : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे श्रमिक आंदोलनों का असर अब यमुना प्राधिकरण क्षेत्र (आउटर नोएडा) तक पहुंच गया है। गुरुवार सुबह सेक्टर-24ए स्थित वीवो (Vivo) कंपनी के हजारों कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण कंपनी परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी में तीन शिफ्टों में करीब दस हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। गुरुवार सुबह जब रात की शिफ्ट समाप्त हुई और सुबह की शिफ्ट शुरू होने वाली थी, तभी कैंटीन के पास भारी तादाद में कर्मचारी एकत्रित हो गए। शिफ्ट बदलने के इस दौरान कर्मियों ने सामूहिक रूप से वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। रबूपुरा, दनकौर और जेवर थाने की पुलिस के साथ एसीपी सार्थक सेंगर और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ी मौके पर पहुंच गई। सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी और तेज हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक कर्मचारियों से बात की और उन्हें शांति बनाए रखने की अपील की।
कंपनी का पक्ष और समाधान
परिस्थिति को संभालने के लिए कंपनी प्रशासन के उच्च अधिकारी भी वार्ता के लिए पहुंचे। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए एक ‘हाई पावर कमेटी’ गठित करने का आश्वासन दिया।
कंपनी का दावा है कि वे पहले से ही नए वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को भुगतान कर रहे हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रबंधन ने नए वेतनमान से संबंधित आदेशों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया है। पुलिस के समझाने के बाद करीब एक घंटे के हंगामे के बाद कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार हो गए।
घटना के बाद एहतियात के तौर पर कंपनी परिसर के बाहर और भीतर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
इस संबंध में रबूपुरा कोतवाली के प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला ने मीडिया को बताया, “वीवो कंपनी में शिफ्ट बदलने के दौरान कुछ कर्मियों ने वेतन वृद्धि की मांग उठाई थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस और कंपनी प्रशासन ने बातचीत के जरिए मामले को शांत कराया और कर्मचारियों को काम पर वापस भेज दिया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है।”
फिलहाल, कंपनी परिसर में शांति है, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में कर्मियों के बीच वेतन संबंधी मांगों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।


