गाजियाबाद: गाजियाबाद में एक पान की दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने भूटानी इंफ्रा से जुड़े पदाधिकारियों और प्रॉपर्टी डीलरों पर करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर, सेक्टर 142 थाने में भूटानी के सीईओ सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता होरीलाल, जो दिल्ली के गांधी नगर के निवासी हैं और गाजियाबाद में पान की दुकान चलाते हैं, अपनी जमा पूंजी से एक दुकान खरीदना चाहते थे। उन्होंने अपने एक दोस्त के माध्यम से प्रॉपर्टी डीलर आदित्य राज सक्सेना से मुलाकात की। आदित्य सक्सेना ने उन्हें भूटानी के साइबरथम प्रोजेक्ट, ग्रेटर नोएडा में एक व्यावसायिक दुकान दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद, आदित्य सक्सेना ने होरीलाल को शिवदत्त गौर शर्मा से मिलवाया, जिन्होंने बताया कि वह ग्रेटर नोएडा स्थित साइबरथम प्रोजेक्ट में अपनी 272 वर्ग फीट की दुकान बेचना चाहते हैं।
नकद भुगतान का दबाव और बड़ी रकम का लेनदेन
आरोप है कि आरोपितों ने मिलकर साजिश के तहत होरीलाल पर नकद भुगतान करने का दबाव बनाया। होरीलाल ने अपनी जीवन भर की कमाई, पत्नी के गहने, अपनी गाड़ी और अपनी दुकान गिरवी रखकर करीब एक करोड़ रुपये विभिन्न किश्तों में आरोपितों को दिए। इन भुगतानों में लगभग 42 लाख रुपये आदित्य सक्सेना को नकद, 27 लाख रुपये चिराग शर्मा को नकद, 10 लाख रुपये शिवदत्त को चेक के माध्यम से और लगभग 29 लाख रुपये सीधे भूटानी इंफ्रा के कार्यालय में जमा कराए गए।
आरोपितों ने इन लेनदेन को वैध दर्शाने के लिए स्टांप पेपर पर होरीलाल के हस्ताक्षर करवाए और एक बिल्डर-बायर एग्रीमेंट भी तैयार कराया। हालांकि, पीड़ित होरीलाल का आरोप है कि उन्हें अभी तक न तो दुकान का स्वामित्व मिला है और न ही उनकी रकम वापस लौटाई गई है। उल्टा, आरोपित अब उनसे अतिरिक्त 30 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।
थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्र ने पुष्टि की है कि कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


