शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यावरण अनुकूल आवाजाही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GRENO) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाल ही में संपन्न हुई प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शहर के चार प्रमुख रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक संचालित (EV) बसों को चलाने की मंजूरी दे दी गई है।
परियोजना का स्वरूप और वित्तीय आवंटन प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन बसों का संचालन उत्तर प्रदेश रोडवेज (UPSRTC) द्वारा किया जाएगा। शुरुआती चरण में इस सेवा को छह महीने के लिए प्रायोगिक तौर पर शुरू किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान संचालन पर आने वाला लगभग 1.80 करोड़ रुपये का खर्च पूरी तरह से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाएगा।
इन चार रूटों पर उपलब्ध होगी सेवा प्राधिकरण ने जेवर (नोएडा इंटरनेशनल) एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए रूटों का निर्धारण किया है ताकि यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके:
रूट 1: चार मूर्ति चौक से सूरजपुर टी-पॉइंट और परी चौक होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक। (4 बसें)
रूट 2: चार मूर्ति चौक से 130 मीटर रोड और जिम्स (GIMS) अस्पताल होते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक। (4 बसें)
रूट 3: मकौड़ा रोटरी से नासा पार्किंग और सेक्टर पी-7 होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक। (4 बसें)
रूट 4: औद्योगिक सेक्टर 16 से तिलपता रोटरी, स्वर्णनगरी, यथार्थ हॉस्पिटल और जीबीयू (GBU) होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक। (3 बसें)
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी प्राधिकरण द्वारा सिटी बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन पर्याप्त यात्री संख्या न होने के कारण उसे बंद करना पड़ा था। हालांकि, इस बार स्थिति अलग है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आगामी संचालन और क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक निवेश को देखते हुए प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस बार बसों को पर्याप्त सवारियां मिलेंगी।
यह कदम न केवल शहर के भीतर ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ को सुधारेगा, बल्कि इलेक्ट्रिक बसों के चयन से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। शून्य प्रदूषण वाली ये बसें ग्रेटर नोएडा को एक ‘स्मार्ट और सस्टेनेबल’ सिटी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।
इस घोषणा से ग्रेटर नोएडा के निवासियों, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों और छात्रों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि छह महीने के ट्रायल के बाद फीडबैक के आधार पर इस सेवा के विस्तार पर विचार किया जाएगा।


