ग्रेटर नोएडा। नोएडा के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी जनगणना कार्य को लेकर पूरी तरह सख्त हो गया है। जनगणना 2027 के तहत नियुक्त किए गए कर्मचारियों और प्रागणकों (एमुलेटर्स) को चेतावनी दी गई है कि यदि वे बुधवार शाम तक अपनी ड्यूटी रिसीव नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बुधवार तक का समय, 20 जून तक पूरा करना होगा कार्य
ग्रेटर नोएडा के चार्ज अधिकारी और प्राधिकरण के ओएसडी, मुकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के लिए नियुक्त सभी कर्मियों को अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 20 जून तक जनगणना का कार्य हर हाल में पूरा किया जाना है। कुछ कर्मचारियों द्वारा अब तक कार्य शुरू न किए जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
चार्ज अधिकारी ने उन शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को भी चेतावनी दी है जिनके कर्मचारी जनगणना ड्यूटी में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कार्य में बाधा डालने वाले संस्थानों के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को अपने क्षेत्र के प्रागणक से संपर्क करने में समस्या आ रही है, तो वे संबंधित वर्क सर्किल प्रभारी, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक या सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं।
आरडब्ल्यूए और एओए से सहयोग की अपील
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ और जनगणना के नोडल अधिकारी, सुमित यादव ने स्थानीय निवासियों से खास अपील की है। उन्होंने आरडब्ल्यूए (RWA) और एओए (AOA) से कहा है कि जनगणना कर्मियों को सेक्टरों और सोसायटियों में प्रवेश करने में कोई बाधा न आए। निवासियों से अनुरोध किया है कि वे कर्मियों का परिचय पत्र और ड्यूटी पत्र देखने के बाद उन्हें प्रवेश दें।

नोडल अधिकारी ने मानवता का परिचय देते हुए यह भी कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए यदि कर्मचारी जल या नींबू पानी की मांग करते हैं, तो उन्हें उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा, “जनगणना देशहित और जनहित का कार्य है, जिसमें नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”
पहले नोएडा में भी लिया जा चुका है कड़ा रुख
गौरतलब है कि जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती का यह सिलसिला नोएडा से शुरू हुआ था। इससे पहले नोएडा में भी सीईओ के आदेश पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 1000 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। अब उसी तर्ज पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के लिए कड़ा रुख अपना रहा है।


