नोएडा/ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 27 जून को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वे दो बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जो न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएंगी बल्कि क्षेत्र को भारत का ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होंगी।
नोएडा अथॉरिटी को मिलेगा 930 करोड़ का अत्याधुनिक पता
मुख्यमंत्री सेक्टर-96 में नोएडा अथॉरिटी के नव-निर्मित प्रशासनिक भवन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना अपनी विकास यात्रा में काफी उतार-चढ़ाव देख चुकी है। साल 2016 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट कोविड संकट और ठेकेदारों की अड़चनों के कारण लंबा खिंच गया।
शुरुआती अनुमानों के विपरीत, डिजाइन में बदलाव और आधुनिक सुविधाओं के समावेशन के बाद अब यह परिसर 6 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसमें 7 मंजिला टावर बनाया गया हैं। 390 करोड़ की मूल लागत से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब 930 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। हालांकि, यह निवेश प्रशासनिक कामकाज को एक ही छत के नीचे लाने और नोएडा के बढ़ते विस्तार के प्रबंधन के लिए आवश्यक था।
आउटर नोएडा (YEIDA) में औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात
मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का सेक्टर-10 होगा, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) की पहली औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास किया जाएगा।

Ascent K. Circuit Pvt. Ltd.: सेक्टर-10 में स्थापित होने वाली यह इकाई फ्लेक्सिबल पीसीबी, एचडीआई पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स के उत्पादन पर केंद्रित होगी। यह भारत की ‘सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता’ के लक्ष्य को मजबूती देगी।
Amber Enterprises India Ltd.: सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि पर 3,532 करोड़ रुपये के निवेश से एक विशाल इकाई का शिलान्यास होगा। यहाँ पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का उत्पादन होगा, जो हज़ारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खोलेगा।
भविष्य की राह: ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनता आउटर नोएडा
केंद्र सरकार की ईएमसी योजना के तहत 206 एकड़ में विकसित हो रहे इस क्लस्टर को पिछले साल मंजूरी मिली थी। कुल 417 करोड़ रुपये की इस परियोजना में केंद्र और यीडा दोनों का सहयोग शामिल है।
यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा, “ईएमसी यीडा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह केवल एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं है, बल्कि पुरे क्षेत्र को वैश्विक स्तर का विनिर्माण केंद्र बनाने का विजन है।”
मुख्यमंत्री का यह दौरा यह स्पष्ट करता है कि यूपी सरकार का ध्यान अब केवल आधारभूत ढांचे से हटकर ‘हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग’ की ओर शिफ्ट हो चुका है। जहाँ नया प्रशासनिक भवन नोएडा के बढ़ते प्रशासनिक बोझ को व्यवस्थित करेगा, वहीं आउटर नोएडा (यीडा) में हो रहे बड़े निवेश यह प्रदर्शित करते हैं कि ग्रेटर नोएडा अब चीन और ताइवान जैसे विनिर्माण केंद्रों को चुनौती देने की तैयारी कर चुका है। यदि यह प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित होते हैं, तो इसमें कोई संदेह नहीं कि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा।



