उत्तर प्रदेश की राम नगरी अयोध्या में बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंदिर प्रशासन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया। ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है।
चयन प्रक्रिया और नियुक्ति जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट द्वारा गठित चयन समिति ने सीईओ पद के लिए तीन योग्य नामों का एक पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपा था। लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद, ट्रस्ट ने सैन्य पृष्ठभूमि वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी। इस नियुक्ति के साथ ही पिछले काफी समय से इस पद को लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों पर विराम लग गया है।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के एक अत्यंत अनुभवी और प्रतिष्ठित अधिकारी रहे हैं। उन्होंने वायुसेना की रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली ‘पश्चिमी कमान’ (Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। अपने सैन्य करियर के दौरान वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का हिस्सा रहे हैं।
यह पहली बार है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किसी अधिकारी को सीईओ के पद पर नियुक्त किया है। सैन्य अधिकारी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने के पीछे ट्रस्ट की मंशा मंदिर परिसर के प्रबंधन में अनुशासन, सुरक्षा और कार्यकुशलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना माना जा रहा है।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एक सुदृढ़ प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का व्यापक अनुभव अब मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों और भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




