भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर एक गुर्जर नेता को अहम जिम्मेदारी दिए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी गौतमबुद्ध नगर जिला और महानगर में एक मजबूत और दमदार नेतृत्व खड़ा करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस संगठन को धार देने की कवायद तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के आवेदकों का रिपोर्ट कार्ड पहुंच चुका है। इसके साथ ही, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा जेन-जी (Gen-Z) और महिलाओं के अधिकारों पर दिए जा रहे जोर को देखते हुए, संगठन सृजन अभियान के प्रमुख शेख मस्तान वली ने गौतमबुद्ध नगर की रिपोर्ट में कुछ तेज-तर्रार महिलाओं के नाम भी शामिल किए हैं।
40 से अधिक दावेदारों ने ठोकी ताल
गौतमबुद्ध नगर जिला और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए करीब 40 से ज्यादा दावेदारों ने आवेदन किया है। संगठन सृजन अभियान के प्रमुख शेख मस्तान वली, पूर्व मंत्री सतीश शर्मा, गाजियाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष विनीत त्यागी और सहारनपुर के ज्ञानेंद्र राघव की समिति ने 24 और 25 अगस्त को सभी आवेदकों के नामों की स्क्रीनिंग की थी। इस दौरान पीसीसी, एआईसीसी, महिला कांग्रेस और अन्य फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों से भी रायशुमारी की गई।
12 नामों की सूची दिल्ली भेजी गई
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक बैठकों में पूर्व और वर्तमान के सक्रिय 8 लोगों के नामों पर सहमति बनी थी, लेकिन समिति ने मंथन के बाद कुल 12 नामों की अंतिम रिपोर्ट कांग्रेस मुख्यालय भेज दी है। अब 3 और 4 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस आलाकमान दिल्ली में केंद्रीय हाईकमान के सामने सभी 75 जिलों के दावेदारों पर अपना पक्ष रखेगा।

माना जा रहा है कि दिल्ली दरबार में गहन चर्चा के बाद, गौतमबुद्ध नगर समेत प्रदेशभर के जिला और महानगर अध्यक्षों की सूची श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद जारी कर दी जाएगी।
दावेदारों ने दिल्ली में डाला डेरा
अध्यक्ष पद की घोषणा से पहले ही जिले के दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डालना शुरू कर दिया है। कई आवेदकों ने पार्टी के बड़े नेताओं के दरबार में अपने पक्ष में लामबंदी और वकालत भी तेज कर दी है। जिला और महानगर अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद फ्रंटल प्रकोष्ठों के गठन की प्रक्रिया भी तेज होगी। बहरहाल, राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि 2027 के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस किस समीकरण और किस मजबूत चेहरे पर दांव खेलती है।




