नोएडा: आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार और रविवार को एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान जिलेभर में संचालित प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के वेयरहाउस और डार्क स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य विभाग ने कुल 16 वेयरहाउस और स्टोरों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य-2 सर्वेश मिश्रा के अनुसार, त्योहारी खरीदारी के इस दौर में ऑनलाइन माध्यमों से खाद्य पदार्थों और उपहारों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने सप्ताहांत पर विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें कुल 18 वेयरहाउसों और स्टोरों की औचक जांच की गई।
विभिन्न क्षेत्रों में मिलीं ये खामियां
जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकांश प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी और आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव में कमियां पाई गईं।
सेक्टर 135, नोएडा: जेप्टो स्टोर के कोल्ड रूम में भारी गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसके संचालन को बंद करा दिया है। सुधार सुनिश्चित होने के बाद ही यहां पुनः कामकाज की अनुमति दी जाएगी।
ग्रेटर नोएडा (इकोटेक-3): बिग बास्केट और ब्लिंकिट के वेयरहाउस में स्वच्छता और अभिलेखों से जुड़ी कमियां मिलने पर सुधार नोटिस जारी किया गया।
दादरी और अन्य क्षेत्र: जोमेटो हाइपरमार्ट और स्विग्गी के स्टोरों की भी जांच की गई। जोमेटो हाइपरमार्ट से पनीर का नमूना संकलित किया गया, जबकि सूरजपुर स्थित ब्लिंकिट स्टोर से मूंगफली के दाने का नमूना लिया गया। इसी प्रकार, मथुरापुर स्थित पीजेटीजे टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से तिल के तेल का नमूना जांच के लिए भेजा गया।
अनुपलब्ध मिले आवश्यक दस्तावेज
अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर पी-वन स्थित जियो मार्ट, सेक्टर पी-3 स्थित केवी इंटरप्राइजेज, इकोटेक-4 स्थित ए एंड डी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर 128 स्थित पीवाईडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (स्विग्गी स्टोर), शाहदरा स्थित जेप्टो डार्क स्टोर, तथा तुगलपुर स्थित अमेजन स्टोर की भी चेकिंग की गई।
निरीक्षण के समय इन प्रतिष्ठानों के संचालक कामगारों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट, तथा एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थों को हटाने से संबंधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त करने वाले सभी 16 प्रतिष्ठानों को 15 दिन के भीतर सभी कमियों को दूर करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



