लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति 2026 की घोषणा कर दी है। पार्टी ने कार्यसमिति के सदस्यों के साथ-साथ स्थायी आमंत्रित और विशेष आमंत्रित सदस्यों की विस्तृत सूची जारी की है। इस सूची के माध्यम से भाजपा ने अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
दिग्गज नेताओं को मिली स्थायी सदस्यता
भाजपा की इस नई सूची में शीर्ष नेतृत्व को प्रमुखता दी गई है। स्थायी आमंत्रित सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के नाम शामिल हैं। प्रदेश की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भी इस सूची में स्थायी स्थान दिया गया है।
अन्य प्रमुख नामों में राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, ओबीसी मोर्चे के अध्यक्ष अमर पाल मौर्य, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जैसे प्रभावशाली नेता शामिल हैं।
कार्यसमिति में चर्चित चेहरों का जमावड़ा
प्रदेश कार्यसमिति में पार्टी ने कई पूर्व मंत्रियों और सांसदों को भी जगह दी है, जो जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं। चर्चित नामों में ब्रजभूषण शरण सिंह, अजय मिश्रा टेनी, संजीव बालियान और डॉ. महेंद्र सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा, सूची में फिल्म अभिनेता और पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, रीता बहुगुणा जोशी, सिद्धार्थ नाथ सिंह, सतीश चंद्र द्विवेदी और आशुतोष राय जैसे नाम भी शामिल हैं। तराई से लेकर पूर्वांचल और पश्चिम तक के नेताओं को इस समिति में प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसमें नरेश अग्रवाल, लल्लू सिंह, रामशंकर कठेरिया और सत्यपाल सिंह जैसे अनुभवी चेहरे भी शामिल हैं।
चुनावी मिशन 2027 की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 की यह कार्यसमिति 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के आधार स्तंभ के रूप में कार्य करेगी। संगठन में पुराने और नए चेहरों का समन्वय बिठाकर भाजपा ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का संदेश दिया है।
सूची में शामिल अन्य महत्वपूर्ण नाम:
सत्यदेव पचौरी
नीलिमा कटियार
राजेश सिंह दयाल
विराज सागर दास
संयुक्ता भाटिया
अभिषेक सिंह आशु
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, इस कार्यसमिति के गठन के साथ ही अब आने वाले दिनों में सांगठनिक बैठकों का दौर तेज होगा, जिसमें आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। स्थानीय निवासियों और राजनीतिक गलियारों में इस नई सूची को भाजपा की चुनावी तैयारियों के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।



