जोशीमठ, उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर शुक्रवार को जोशीमठ के निकट पांडुकेश्वर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट सहित हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन और सेना ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव एवं शवों को निकालने का कार्य शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ‘ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी का था, जो बदरीनाथ से तीर्थयात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। पांडुकेश्वर के समीप भेड़ गदेरे की पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह व्यक्तियों की जान चली गई है। मृतकों में पायलट और पांच यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी यात्री कर्नाटक राज्य के रहने वाले थे और गुरुवार को दर्शन के लिए आए थे, जबकि पायलट दिल्ली के निवासी थे।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि दुर्घटनास्थल पांडुकेश्वर मुख्य सड़क से लगभग सात किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है, जहां केवल पैदल रास्ते से ही पहुंचा जा सकता है। सूचना मिलते ही भारतीय सेना, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल ली है और शवों को मुख्य मार्ग तक लाने की प्रक्रिया जारी है।
हादसे के बाद नागरिक उड्डयन विभाग (UCADA) ने एहतियात के तौर पर मैसर्स ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड की सभी उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक तकनीकी टीम को मौके पर रवाना किया गया है। जिलाधिकारी चमोली के अनुसार, दुर्घटना के सटीक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि वह स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को रेस्क्यू कार्य में तेजी लाने और पारिस्थिकीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा चारधाम यात्रा के दौरान विमानन सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल, अधिकारी ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण करने की तैयारी कर रहे हैं।



