नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और जाने-माने उद्यमी रवींद्र किशोर (आर.के.) सिन्हा का शुक्रवार को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने गहरा शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने संगठन, पत्रकारिता, उद्योग और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
AIIMS पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कहा कि पार्टी के शुरुआती दौर से संगठन को मजबूत करने में आर.के. सिन्हा की भूमिका अहम रही है। इसके अलावा, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस (SIS) को ग्लोबल पहचान दिलाने और सुरक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने का श्रेय भी उन्हें जाता है।
RSS और शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक संयुक्त शोक संदेश जारी कर श्री सिन्हा के निधन पर दुख जताया। संघ ने कहा कि प्राइवेट सुरक्षा सेवा उद्योग के विकास, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक कार्यों और मीडिया जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आर.के. सिन्हा का जाना राजनीतिक और सामाजिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
पत्रकारिता से लेकर उद्यमिता और राजनीति तक का सफर
बिहार के शाहाबाद की माटी में जन्मे और पटना में शिक्षा प्राप्त करने वाले आर.के. सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत एक हिंदी पत्रकार के रूप में की थी। इसके बाद, 1970 के दशक के उत्तरार्ध में उन्होंने देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म ‘एसआईएस एंटरप्राइजेज’ (SIS Enterprises) की नींव रखी। इस उपक्रम में विशेष रूप से बांग्लादेश युद्ध के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिकों को जोड़ा गया। यह बिजनेस विशेष रूप से तत्कालीन दक्षिण बिहार (अब झारखंड) के कोयलांचल क्षेत्र में अत्यधिक सफल रहा और देखते ही देखते हजारों करोड़ रुपये की कंपनी बन गया।
छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे आर.के. सिन्हा को भाजपा के संस्थापक सदस्यों में गिना जाता है। वह 2014 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे और पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (National Executive) के सदस्य भी रहे।
उनके निधन से राजनीतिक गलियारों, उद्योग जगत और उनके गृह राज्य बिहार में शोक की लहर दौड़ गई है। नेताओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।



