आशु भटनागर : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार चार मूर्ति चौक (किसान चौक) अंडरपास का उद्घाटन का समय नजदीक आ गया है। यातायात व्यवस्था को परखने और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए इस अंडरपास को आगामी 5 नवंबर से तीन दिनों के ट्रायल के तौर पर खोला जा रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल अवधि के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के बाद ही इसे आम जनता के लिए स्थाई रूप से खोला जाएगा। हालांकि, इसके स्थाई संचालन की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन चर्चा है कि 12 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के दौरे के दौरान इसका औपचारिक उद्घाटन किया जा सकता है।
ट्रायल के दौरान इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए के सिंह ने बताया कि पहले चरण के ट्रायल में सुरक्षा, साइनेज, लाइटिंग, जल निकासी (ड्रेनेज) और ट्रैफिक प्रबंधन की बारीकी से जांच की जाएगी। वहीं, वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने पुष्टि की है कि अंडरपास के सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। चौक की मूल पहचान को बनाए रखने के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर चार मूर्ति को उसके मूल स्थान पर पुनः स्थापित कर दिया गया है।
सुबह-शाम के भीषण जाम से मिलेगी मुक्ति
चार मूर्ति गोलचक्कर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाले वाहनों का भारी दबाव रहता है। पीक आवर्स (सुबह और शाम के समय) में यहां लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे ऑफिस जाने वाले पेशेवरों (Professionals) और आम नागरिकों को रोजाना घंटों जूझना पड़ता है।
अंडरपास शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच सीधी और निर्बाध आवाजाही संभव हो सकेगी। इससे चौराहे पर वाहनों का भार काफी हद तक कम हो जाएगा और वाहन चालक बिना रुके सीधे गौड़ सिटी और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर निकल सकेंगे। इस परियोजना के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पांच लाख से अधिक आबादी को रोजाना के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण ने वाहन चालकों से ट्रायल के दौरान यातायात नियमों का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की है।

2018 से शुरू हुई थी मांग, कई अड़चनों के बाद हुआ पूरा
इस अंडरपास के निर्माण का सफर काफी लंबा रहा है 2018 में सबसे पहले किसान चौक पर भीड़भाड़ कम करने के लिए परिवहन योजना तैयार करने की बात उठी थी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ अधिकारी देबासिस पांडा ने तब दावा किया था कि किसान चौक सहित भीड़भाड़ वाले चौराहों को कम करने के लिए एक अध्ययन करने और सुझाव देने हेतु एक परिवहन योजनाकार को नियुक्त करने की संभावना रखते हैं। हमें उम्मीद है कि हम अगले महीने परिवहन योजनाकार का चयन कर लेंगे। इसके बाद लंबे समय तक के ठंडे बसते में चला गया जो लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही।
2022 में तत्कालीन सीईओ नरेंद्र भूषण ने 60 करोड़ रुपये के बजट के साथ अंडरपास बनाने की घोषणा की थी। मार्च 2022 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन महाप्रबंधक एके अरोरा ने कहा कि वे जल्द ही एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेंगे और अगले तीन महीनों में निविदा दस्तावेजों को अंतिम रूप दे देंगे। निविदा जारी करने से पहले डीपीआर का अंतिम तकनीकी मूल्यांकन और सत्यापन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की द्वारा किया जाएगा, लेकिन बात फिर अटक गयी।
वर्तमान सीईओ एनजी रवि कुमार के कार्यभार संभालने के बाद जुलाई 2024 में इस प्रोजेक्ट पर वास्तविक जमीनी काम शुरू हुआ। लगभग 700 से 760 मीटर लंबे इस अंडरपास की कुल लागत करीब 92 करोड़ रुपये आई है। इसकी खास बात यह है कि इसके निर्माण के दौरान यातायात को पूरी तरह बाधित नहीं किया गया, बल्कि बिना रास्ता रोके इसे चार चरणों में पूरा किया गया। सडको और लगातार चौड़ा किया गया दिन में लोगो को परेशानी न हो इसके लिए प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक स्तर तक के अधिकारी रात रात भर निरीक्षण पर लगे रहे I हालांकि, GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के प्रतिबंधों और पीक आवर्स में निर्माण कार्यों पर रोक के चलते इसे निर्धारित समय सीमा (15 अगस्त) तक पूरा नहीं किया जा सका, लेकिन अब इसके शुरू होने से क्षेत्र के लाखों कामकाजी लोगों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।



