आशु भटनागर। दिल्ली-एनसीआर के प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए एक उत्साहजनक समाचार है। गौतमबुद्ध नगर स्थित ओखला पक्षी अभयारण्य में एक अत्यंत दुर्लभ ‘व्हाइट स्टॉर्क’ (सफेद सारस) को देखा गया है। 1 नवंबर को पहली बार देखे जाने के बाद यह पक्षी लगातार तीन दिनों से अभयारण्य में बना हुआ है, जिसे देखने के लिए पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों की भीड़ उमड़ रही है।
पक्षी विशेषज्ञों का प्रारंभिक अनुमान है कि यह पक्षी व्हाइट स्टॉर्क की वह दुर्लभ मध्य एशियाई उप-प्रजाति है, जिसकी वैश्विक आबादी 2,000 से भी कम रह गई है। यह उप-प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिणी उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान में प्रजनन करती है और सर्दियों के मौसम में प्रवास के लिए ईरान से होते हुए भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुँचती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना के किनारे स्थित ओखला जैसे शहरी आर्द्रभूमि (Wetland) में इसका दिखना एक असाधारण और महत्वपूर्ण घटना है।
ऐतिहासिक संदर्भ और दर्शन
दिल्ली-एनसीआर के रिकॉर्ड बताते हैं कि व्हाइट स्टॉर्क यहाँ एक अत्यंत दुर्लभ आगंतुक रहा है। इससे पहले इसे ओखला में मार्च 1992 और फरवरी 2005 में देखा गया था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2004-05 में पलवल और मार्च 2019 में जेवर के पास इसके देखे जाने के प्रमाण मिलते हैं। वर्तमान प्रवास के दौरान, इसे सबसे पहले 1 नवंबर को पक्षी विशेषज्ञ डॉ. तेजस्वी द्वारा चिन्हित किया गया था।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और संरक्षण प्रयास
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) रजनीकांत मित्तल ने इस दुर्लभ पक्षी के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ओखला की समृद्ध आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “वन विभाग निरंतर आवास प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों के माध्यम से स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर रहा है।”
वन विभाग ने अभयारण्य आने वाले आगंतुकों और फोटोग्राफरों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अपील की है कि पक्षी की निजता और अभयारण्य की शांति बनाए रखें ताकि प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
व्हाइट स्टॉर्क की विशेषताएं
सफेद शरीर, काले पंख, लंबी लाल चोंच और लाल टांगों वाला व्हाइट स्टॉर्क एक लंबी दूरी का प्रवासी पक्षी है। इसके आहार में मुख्य रूप से कीट, मछली, उभयचर, सरीसृप और छोटे स्तनधारी शामिल होते हैं।
ओखला अभयारण्य का महत्व यमुना के बाढ़ के मैदानों पर स्थित ओखला पक्षी अभयारण्य एक महत्वपूर्ण शहरी आर्द्रभूमि है। यह न केवल स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण प्रदान करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षी मार्ग (Central Asian Flyway) पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। इस दुर्लभ व्हाइट स्टॉर्क के आगमन ने एक बार फिर इस क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व को वैश्विक मानचित्र पर रेखांकित किया है।



