अक्सर देखा जाता है कि भारी बारिश या छुट्टी के दिन सरकारी मशीनरी सुस्त पड़ जाती है, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने रविवार को एक नई मिसाल पेश की। रविवार की दोपहर जब शहर के लोग बारिश के बीच घरों में थे, तब सीईओ ग्रेनो वेस्ट की सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था और बुनियादी परियोजनाओं का जायजा ले रहे थे। उनके इस औचक निरीक्षण ने न केवल लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि स्थानीय निवासियों में व्यवस्था सुधार की एक नई उम्मीद भी जगाई है।
तीन घंटे तक सड़कों पर रहे सीईओ
सीईओ एनजी रवि कुमार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ग्रेनो वेस्ट पहुंचे और अगले तीन घंटों तक टेकजोन-4, सेक्टर-16, 16बी, शाहबेरी, छपरौला, 130 मीटर रोड और 60 मीटर रोड का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के किसी भी कोने में कूड़े का ढेर नजर नहीं आना चाहिए। बारिश के मौसम में जलभराव एक बड़ी समस्या बनकर उभरता है, जिससे निपटने के लिए उन्होंने विभाग को पहले से तैयार रहने और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखने की कड़ी चेतावनी दी।
ट्रैफिक जाम का निकाला व्यवहारिक समाधान
निरीक्षण के दौरान सीईओ का ध्यान किसान चौक के पास एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) के नीचे लगने वाले जाम पर गया। अक्सर बारिश के दौरान बाइक सवार भीगने से बचने के लिए एफओबी के नीचे खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरी सड़क बाधित हो जाती है और लंबा जाम लग जाता है।
सीईओ ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अफसरों को निर्देश दिए कि यहाँ तत्काल शेल्टर (छायादार स्थान) की व्यवस्था की जाए, ताकि दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित खड़े हो सकें और मुख्य सड़क पर यातायात प्रभावित न हो। यह निर्णय दर्शाता है कि अधिकारी केवल ऊपर-ऊपर से आदेश नहीं दे रहे, बल्कि धरातल की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी खोज रहे हैं।

लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार
ग्राउंड जीरो पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब सीईओ सेक्टर-3 के अंदर पहुंचे। वहां व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था को देख उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की सुविधाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों और किसान चौक पर बन रहे अंडरपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सके।
जवाबदेही की एक नई किरण
ऐसे समय में जब ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी आए दिन सफाई और ट्रैफिक की समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर गुहार लगाते रहते हैं, सीईओ का खुद सड़कों पर उतरना एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। “वाह सीईओ हो तो ऐसा” की यह भावना जनता में इसलिए है क्योंकि सालों से कागजों पर होने वाले निरीक्षणों की जगह अब “स्पॉट विज़िट” और “तत्काल समाधान” पर जोर दिया जा रहा है।
अगर इसी तरह की सक्रियता अन्य विभागों में भी दिखे, तो वह दिन दूर नहीं जब ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गिनती देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में होगी। फिलहाल, एनजी रवि कुमार के इस कदम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर सड़कों की धूल और बारिश का सामना करना ही होगा।



