दादरी विधानसभा 2027: एनसीआर खबर सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे, वर्तमान विधायक तेजपाल नागर को झटका, सत्येंद्र अवाना पहली पसंद, आशीष भाटी, अभिषेक कुमार भी पलट दिए खेल! इंद्र प्रधान सपा में दिखा रहे दम

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दादरी विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर एनसीआर खबर द्वारा कराए गए पांच दिवसीय जनमत सर्वेक्षण के परिणाम आज जारी कर दिए गए हैं। सर्वे लगभग 15 लाख लोगो तक पहुंचा जिसमे लगभग 15 हजार लोगो ने प्रतिक्रया दी और 1500 लोगो ने वोट डाला। पहले हिस्से में कुल 1386 वोटों के इस सर्वे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख यह है कि वर्तमान दो बार के भाजपा विधायक मास्टर तेजपाल नागर को मात्र 16% लोगों ने अपनी पसंद बताया है, जो उनके लिए गहरी चिंता का विषय है।

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सर्वे में युवा भाजपा नेता सत्येंद्र अवाना 43% वोटों के साथ लोगों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। दूसरे नंबर पर भाजपा के कद्दावर नेता और एमएलसी नरेंद्र भाटी के पुत्र आशीष भाटी हैं, जिनके प्रति भी मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके बाद शहरी आवाज बनकर उभरे नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का नाम आता है।

वर्तमान विधायक की कार्यशैली और उम्र पर सवाल

सर्वे में सबसे बड़ा झटका 2 बार से वर्तमान विधायक मास्टर तेजपाल नागर को लगा है। दादरी से दो बार के विधायक होने के बावजूद, उन्हें मात्र 16% लोगों का ही समर्थन मिलना, उनकी लोकप्रियता में आई गिरावट का स्पष्ट संकेत है। इसे क्षेत्र में उनके प्रति एंटी इनकम्बेंसी (सत्ता-विरोधी लहर) भी एक कारण माना जा सकता है। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में उनका कम जनसंपर्क और स्थानीय बुनियादी सुविधाओं, जैसे- सरकारी अस्पताल, खेल के मैदान और लंबित रजिस्ट्री जैसी समस्याओं का समाधान न होना है। सर्वे में शामिल कई लोगों ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए, वहीं कुछ ने बढ़ती उम्र और दो बार विधायक रहने के कारण अब किसी नए युवा चेहरे को मौका देने की बात कही। यह स्पष्ट संकेत देता है कि दादरी की जनता अब परिवर्तन चाहती है और भाजपा से किसी युवा, ऊर्जावान नेतृत्व को कमान सौंपने की मांग कर रही है।

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युवा चेहरे सत्येंद्र अवाना की धमक

युवा चेहरों में सबसे चौंकाने वाला नाम सत्येंद्र अवाना का रहा, जिन्हें लगभग 43% से अधिक लोगों ने पसंद किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके सतेंद्र अवाना पिछले काफी समय से दादरी क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चुनावों के मद्देनजर वह लगातार दादरी क्षेत्र के गांवों (जैसे भनौता, पाली, कूड़ीखेड़ा) और सोसायटियों का दौरा कर रहे हैं और जनता के बीच अपनी पैठ बना रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने देशहित और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दादरी बाजार में निःशुल्क इलेक्ट्रिक वाहन सेवा जैसी जमीनी शुरुआत भी की है, जिसकी काफी चर्चा हुई थी, जिसका परिणाम शायद इस सर्वे में देखने को मिल रहा है। सत्येंद्र अवाना 2022 में भी टिकट के दावेदार थे, और यदि लोगों की यह पसंद पार्टी के निर्णय से मेल खाती है, तो वह अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रमुख चेहरा बन सकते हैं।

आशीष भाटी: एक युवा तुर्क की तरह

21 प्रतिशत वोटो के साथ दूसरे नंबर पर भाजपा के कद्दावर नेता और एमएलसी नरेंद्र भाटी के पुत्र आशीष भाटी रहे। आशीष को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखा गया। उन्हें इस क्षेत्र की राजनीति में ‘युवा तुर्क’ के रूप में देखा जा रहा है। वह अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर #Mission2027 और #electionvidhansabhadadri2027 जैसे हैशटैग का उपयोग कर सीधे तौर पर चुनावी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दादरी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों (जैसे बील अकबरपुर, कुड़ीखेरा) और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इलाकों में होने वाले सामाजिक व मांगलिक कार्यक्रमों में वह लगातार हिस्सा ले रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर के स्थानीय बीजेपी नेताओं और संगठन के उच्च पदाधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का दावा पेश कर रहे हैं। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि दादरी सीट पर विधायक तय करने की क्षमता रखने वाले सांसद डॉ. महेश शर्मा आशीष के लिए उनके पिता नरेंद्र भाटी को अपनी स्वीकृति दे चुके हैं। ऐसे में अगर राजनीतिक समीकरण सही बैठते हैं, तो आशीष भी भाजपा से अगले विधायक प्रत्याशी हो सकते हैं

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शहरी आवाज अभिषेक कुमार की मजबूत दावेदारी

20 प्रतिशत वोटो के साथ इसके बाद नेफोवा (NEFOWA) के अध्यक्ष अभिषेक कुमार तीसरे स्थान पर है, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फ्लैट खरीदारों के सबसे बड़े संगठन का नेतृत्व करते हैं। अभिषेक भी भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्हें धीरेंद्र सिंह और पंकज सिंह दोनों का करीबी माना जाता है।वे एक सक्रिय मैराथनर भी हैं और उन्होंने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता मैराथन को पूरा करके ‘प्रोकैम स्लैम’ का खिताब भी हासिल किया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट शहर में उनकी लोकप्रियता किसी विधायक से कम नहीं है, और वह बीते 15 वर्षों से लगातार आम लोगों के लिए कार्य कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2024 में वोटिंग समाप्त होने के तुरंत बाद भाजपा प्रत्याशी डा महेश शर्मा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भाजपा समर्थन के लिए उनको धन्यवाद करने उनके घर जा पहुंचे थे I चर्चाओं में कहा गया था तब अभिषेक कुमार ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए फार्म खरीद लिया था किन्तु वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्री गिरिराज सिंह के कहने पर डा महेश शर्मा के समर्थन में उन्होंने नामिनेशन नहीं किया था। ऐसे में यदि भाजपा अभिषेक कुमार को टिकट देती है, तो वह स्थानीय भाजपा वोटो के साथ साथ युवाओं और प्रवासियों के वोटों से एक बड़ी जीत दर्ज कर सकते हैं।

दूसरे पैनल का हाल: ‘कोई अन्य’ पर भरोसा और सपा उम्मीदवारी में इंद्र प्रधान

सर्वे के दूसरे हिस्से में, जिसमें 223 वोट पड़े, ‘कोई अन्य’ को सबसे अधिक 39% लोगों ने अपनी पसंद बताया। इसका मतलब है कि दूसरे पैनल में शामिल लोगों पर सर्वे में भाग लेने वाले लोगों का विश्वास कम है। हालांकि, इस पैनल में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान 36% वोट लेकर सबसे आगे दिखाई दिए हैं और फिलहाल समाजवादी पार्टी से टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं। यधापि प्रथम पैनेल के सापेक्ष ये मात्र 7 प्रतिशत ही है। उन्होंने 14 जून को अपने निवास पर एक बड़े कार्यक्रम के साथ अपनी दावेदारी की घोषणा की थी, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। दिलचस्प बात यह है कि उनके घर पर आए एक अन्य दावेदार ने तो उन्हें टिकट मिलने पर अपने चुनाव में ₹11 लाख देने तक की घोषणा कर दी थी। पिछले दिनों दादरी में हुई समाजवादी पार्टी की एक बड़ी रैली में लगभग 3000 महिलाओं को लाने का श्रेय भी इंद्र प्रधान को दिया जाता है। ऐसे में, लोगों की पसंद के साथ-साथ इंद्र प्रधान समाजवादी पार्टी की भी पसंद बन जाएं, इसमें कोई बड़ी बात नहीं होगी।

2024 लोकसभा का चुनाव लड़ चुके नरेश नौटियाल को कुल सर्वे का 1 प्रतिशत वोट भी न मिल पाना बताता है कि जनता ने एक बार फिर उन्हें खारिज कर दिया है।

एनसीआर खबर का यह सर्वे आगामी विधानसभा चुनावों से लगभग छह महीने पूर्व दादरी की जनता के मन की स्थिति को स्पष्ट रूप से बयान कर रहा है। यह न केवल वर्तमान विधायक के प्रति नाराजगी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जनता अब नए, युवा और सक्रिय चेहरों की तलाश में है। सत्येंद्र अवाना, आशीष भाटी और अभिषेक कुमार जैसे युवा नेता अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दादरी की राजनीति में और भी कई बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं, लेकिन फिलहाल का सच यही है कि दादरी बदलाव के मुहाने पर खड़ा है।

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