लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। राज्य की राजधानी लखनऊ, आर्थिक राजधानी नोएडा समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना है। इस फेरबदल का मुख्य केंद्र लखनऊ के वर्तमान पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर का प्रमोशन है, जिन्हें जल्द ही महानिदेशक (DG) के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है।
अमरेंद्र कुमार सेंगर की पदोन्नति का रास्ता केंद्र सरकार के एक हालिया फैसले के बाद और भी साफ हो गया है। दरअसल, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी का निदेशक नियुक्त किया गया है। सुजीत पांडेय को इसी सप्ताह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त (Relieve) कर दिया जाएगा।
उनके रिलीव होते ही अमरेंद्र कुमार सेंगर के डीजी पद पर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पहले यह माना जा रहा था कि सेंगर को 30 अगस्त को डीजी ए. मुथा जैन के रिटायरमेंट के बाद पदोन्नति मिलेगी, लेकिन सुजीत पांडेय के जाने से यह बदलाव अब 15 जुलाई के आसपास ही देखने को मिल सकता है।
वाराणसी और नोएडा में भी बदलाव के संकेत
लखनऊ के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हाई-प्रोफाइल कमिश्नरेट जैसे नोएडा और वाराणसी भी इस प्रशासनिक बदलाव की कतार में हैं। सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग के मानकों को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल किए जा रहे हैं। नियम के मुताबिक, जिन अफसरों का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक एक ही स्थान पर तीन साल पूरा हो रहा होगा, उन्हें स्थानांतरित किया जाना अनिवार्य है।

इस मानक के दायरे में कई बड़े नाम आ रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
लक्ष्मी सिंह: पुलिस कमिश्नर, नोएडा
मोहित अग्रवाल: पुलिस कमिश्नर, वाराणसी
पीयूष मोर्डिया: एडीजी, वाराणसी जोन
मुनिराज जी: डीआईजी, मुरादाबाद रेंज
बड़े पदों के साथ-साथ जिला स्तर पर तैनात कई अन्य आईपीएस अफसर भी इस फेरबदल का हिस्सा होंगे। लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी कमलेश दीक्षित और रवीना त्यागी, गोंडा के एसपी विनीत जायसवाल, कानपुर कमिश्नरेट में तैनात श्रवण सिंह, नोएडा के रवि शंकर निम, ललितपुर के एसपी मोहम्मद मुश्ताक और चित्रकूट के एसपी अरुण सिंह के नाम भी स्थानांतरण सूची में शामिल होने की प्रबल संभावना है।
राजधानी लखनऊ और नोएडा-वाराणसी जैसे बड़े शहरों में नए पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति से स्थानीय कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। शासन स्तर पर इन तबादलों की तैयारी अंतिम दौर में है और जल्द ही आधिकारिक सूची जारी की जा सकती है।



