गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के मोरटा गांव में विवादित जमीन को अपना बताकर प्लॉट बेचने और सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने एक प्रमुख बिल्डर समूह और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
प्री-लॉन्च बुकिंग के नाम पर 500 से अधिक लोगों से ठगी का आरोप शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने सड़क किनारे बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर संपत्ति की बिक्री शुरू की थी। मौके पर आने वाले खरीदारों को आकर्षित करने के लिए दावा किया जाता था कि जमीन पर शत-प्रतिशत मालिकाना हक है, नक्शा स्वीकृत हो चुका है और रेरा (RERA) में पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि प्री-लॉन्च बुकिंग के झांसे में आकर 500 से अधिक लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।
2013 के अनुबंध पर विवाद डब्ल्यूबिल्डकान कंपनी के विधिक प्रतिनिधि राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने वर्ष 2013 में एक पार्टनरशिप फर्म के साथ बाकायदा अनुबंध कर मोरटा गांव स्थित करीब 8.32 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने और बेचने के वैध अधिकार प्राप्त किए थे। आरोप है कि साया ग्रुप से जुड़े लोगों ने इस जमीन पर अनधिकृत रूप से अपना अधिकार जताते हुए इसे विकसित करने और बेचने की योजना बनाई।
ग्राहक बनकर पहुंचे तो मिला विरोध मामले में पहली एफआईआर 8 फरवरी को दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर 28 फरवरी को शिकायतकर्ता कंपनी के लोग ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे। वहां कई प्रॉपर्टी एजेंट ग्राहकों को जमीन दिखा रहे थे और इसे साया बिल्डर की संपत्ति बताते हुए रजिस्टर्ड सेल डीड व स्वीकृत नक्शे होने का दावा कर रहे थे। जब शिकायतकर्ता ने इस बात का विरोध किया, तो उन्हें डरा-धमकाकर वहां से भगा दिया गया।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई एफआईआर में ‘साया प्रमोटर्स एलएलपी’ और संबंधित प्रॉपर्टी फर्म से जुड़े नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में अजय अवल, विकास भसीन, अनू भसीन, प्रीतिका चौधरी, उसमा चौधरी, अब्दुल सत्तार, सन्नी बजाज और अन्य अज्ञात शामिल हैं।
पुलिस का वक्तव्य मामले की पुष्टि करते हुए एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अदालत के निर्देश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की जांच कर रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य व साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






