आशु भटनागर । वर्षों से फाइलों और कानूनी अड़चनों में फंसी नोएडा की बहुप्रतीक्षित ‘स्पोर्ट्स सिटी’ परियोजना अब आखिरकार धरातल पर उतरने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में इस प्रोजेक्ट पर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। इस पूरी परियोजना के केंद्र में होगा एक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स स्टेडियम, जो न केवल शहर का मान बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र के खेल बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल देगा।
हालाँकि, इस बार सबसे बड़ी और स्वागत योग्य बात यह है कि प्राधिकरण केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने बिल्डरों की संभावित धोखाधड़ी और देरी पर लगाम लगाने के लिए भी अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को स्पोर्ट्स सिटी का मुख्य आकर्षण (हब) बनाया जा रहा है। इसमें खेल प्रेमियों और पेशेवर एथलीटों के लिए निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
अंतरराष्ट्रीय मानक खेल मैदान: क्रिकेट स्टेडियम, फुटबॉल ग्राउंड और एथलेटिक्स ट्रैक।
इनडोर व एक्वाटिक कॉम्प्लेक्स: इनडोर मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ओलंपिक स्तर का स्विमिंग पूल।
फिटनेस व ट्रेनिंग: अत्याधुनिक जिम्नेजियम, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और आधुनिक फिटनेस ट्रेनिंग सुविधाएं।
अन्य सुविधाएं: वीआईपी लाउंज, डिजिटल स्कोरबोर्ड, हाई-टेक फ्लडलाइट्स और बड़े पार्किंग क्षेत्र।

यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच देगा, बल्कि नोएडा को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के नक्शे पर भी स्थापित करेगा।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना का क्षेत्र | सेक्टर-78, 79, 101, 150, 152 |
| आवंटन वर्ष | 2009-11 |
| रिहायशी परियोजना | 46 |
| रिहायशी टावर में फ्लैट | 40,000 |
| बिल्डरों का निवेश | 50,000 करोड़ से अधिक |
| प्राधिकरण का बकाया | 12,000 करोड़ रुपये |
प्राधिकरण का मास्टरस्ट्रोक: बिल्डरों के 20% फ्लैट रहेंगे बंधक
अतीत में कई बिल्डर परियोजनाओं के लटकने और खरीदारों के फंसे पैसों के कड़वे अनुभवों से सबक लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने इस बार एक बेहद सख्त और सराहनीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में शामिल सभी सब-लीज (विभिन्न डेवलपर्स) की परियोजनाओं के 20 प्रतिशत फ्लैट या इन्वेंट्री को प्राधिकरण अपने पास बंधक (Mortgage) के रूप में रखेगा।
“पैसे फंसने या परियोजना रुकने की गुंजाइश को खत्म करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जिन बिल्डरों के मानचित्र मंजूर होंगे, उनके फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर (अधिकतम 20%) प्राधिकरण के पास गिरवी रहेंगे। यदि बिल्डर बकाए का भुगतान या निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं करते हैं, तो इन फ्लोरों पर प्राधिकरण का मालिकाना हक होगा। इन्हें सीधे खरीदारों को बेचकर मिलने वाली रकम का इस्तेमाल स्टेडियम और स्पोर्ट्स सिटी की अन्य नागरिक सुविधाओं के निर्माण में किया जाएगा।”
कृष्णा करुणेश सीईओ नोएडा प्राधिकरण
डेवलपर्स के लिए कड़ी शर्तें: उल्लंघन पर तुरंत चलेगा बुलडोजर
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों से खिलवाड़ करने वाले डेवलपर्स को बख्शा नहीं जाएगा। आवंटी संस्थाओं को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा:
कानूनी व पर्यावरणीय अनुपालन: NGT के आदेशों, यूपी भवन नियमावली 2010, यूपी अपार्टमेंट एक्ट (2010 व 2016), RERA और नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
अनधिकृत निर्माण पर जीरो टॉलरेंस: स्वीकृत मानचित्र, पार्किंग या हरित क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति के किया गया कोई भी बदलाव अवैध माना जाएगा और उसे तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा।
आंतरिक पार्किंग व EV इंफ्रास्ट्रक्चर: विजिटर कार पार्किंग परिसर के अंदर ही बनानी होगी; सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। बेसमेंट में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग प्वाइंट अनिवार्य होंगे।
मूलभूत सुविधाएं सदैव चालू स्थिति में: जल, विद्युत, सीवरेज, अग्निशमन, लिफ्ट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट रीसाइक्लिंग प्रणाली को हमेशा क्रियाशील रखना बिल्डर की जिम्मेदारी होगी।
सुरक्षा दायित्व: इमारतों की ढांचागत (Structural) सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी डेवलपर की होगी। किसी भी जान-माल के नुकसान की स्थिति में संस्था ही उत्तरदायी होगी।
डीओडी (DoD) और सत्यापन: एक महीने के भीतर यूपी अपार्टमेंट एक्ट के तहत ‘डीओडी’ उपलब्ध करानी होगी और दो महीने के भीतर सभी बुनियादी सेवाओं का प्रोजेक्ट विभाग से सत्यापन कराना होगा।
निवासियों और बाजार के लिए क्या हैं मायने?
नोएडा के सेक्टर-150 को पहले से ही ‘ग्रीन सेक्टर’ और ‘प्रीमियम रेजिडेंशियल हब’ के रूप में देखा जाता है। स्पोर्ट्स सिटी के इस नए और अनुशासित अवतार से न केवल रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि रियल एस्टेट बाजार में संपत्ति के दामों और मांग में सकारात्मक उछाल देखने को मिलेगा।
प्राधिकरण की इस सख्त निगरानी प्रणाली ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि इस बार स्पोर्ट्स सिटी केवल कागजों या विज्ञापनों में नहीं, बल्कि तय समय-सीमा के भीतर धरातल पर हकीकत बनकर उभरेगी। नोएडा के निवासियों और निवेशकों के लिए यह खबर निश्चित रूप से एक नई उम्मीद और राहत लेकर आई है।



