नोएडा। नोएडा विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में आने वाले दिनों में एक बड़ा प्रशासनिक और ढांचागत बदलाव देखने को मिलने वाला है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) पुष्पराज सिंह ने प्राधिकरण की आंतरिक कार्यशैली को सुधारने और शहर में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्राधिकरण में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना है।
फाइलों के मूवमेंट के बदले नियम, अब खुद फाइल नहीं ले जा सकेंगे आवंटी
प्रशासनिक सुधारों के तहत सबसे बड़ा निर्णय प्राधिकरण के भीतर फाइलों के स्थानांतरण (मूवमेंट) को लेकर लिया गया है। एसीईओ पुष्पराज सिंह के निर्देशानुसार, अब कोई भी आवंटी या अपने टेंडरों के बिल पास कराने के प्रयास में जुटे ठेकेदार स्वयं फाइल लेकर प्राधिकरण परिसर के भीतर एक विभाग से दूसरे विभाग में नहीं घूम सकेंगे।
अब से फाइलों को भेजने के लिए ‘डिस्पैच’ की पूर्ण आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित विभाग से उच्च अधिकारियों तक जाने वाली हर फाइल को डिस्पैच रजिस्टर के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से फाइल का पूरा ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ (कॉल चेक) मेंटेन रहेगा, जिससे यह आसानी से पता चल सकेगा कि फाइल किस कार्यालय से चली, कहां पहुंची और किस स्तर पर लंबित है। इस कदम से बिचौलियों के हस्तक्षेप और फाइलों के गायब होने या रोके जाने की शिकायतों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
अवैध अतिक्रमण और भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
एसीईओ पुष्पराज सिंह पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का गोपनीय स्तर पर आकलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में अवैध अतिक्रमण और अवैध वेंडिंग जोन पर बुलडोजर चलाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों नोएडा के सेक्टर-104 (हाजीपुर) स्थित खसरा नंबर 412 पर की गई आंशिक कार्रवाई, जिसे ब्रिक्स सम्मेलन के चलते अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, उसे जल्द ही पूरी तरह से ध्वस्त कर पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही, खसरा संख्या 711 से 730 तक बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ भी प्राधिकरण ने कमर कस ली है। प्राधिकरण ने जनता के हित में एक चेतावनी जारी करते हुए इन खसरा नंबरों पर किसी भी प्रकार की दुकान, मकान या फ्लैट खरीदने से बचने की सलाह दी है।
आंतरिक स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म करने की कवायद
नोएडा प्राधिकरण में पदभार संभालने के बाद से ही एसीईओ पुष्पराज सिंह ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। पिछले सप्ताह एनसीआर खबर के संपादक आशु भटनागर से एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने शहर में हो रहे अतिक्रमण के पीछे बाहरी तत्वों के साथ-साथ प्राधिकरण के आंतरिक स्तर पर भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार की संभावनाओं से इनकार नहीं किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त करेंगे, और वर्तमान में लागू की जा रही नई फाइल ट्रैकिंग प्रणाली इसी दिशा में उठाया गया पहला कदम है।




