गुरुवार को तकनीकी जगत में एक बड़ा व्यवधान देखने को मिला, जब दुनियाभर के यूजर्स को कई प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स का इस्तेमाल करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी खराबी के दायरे में ओपनएआई (OpenAI) का लोकप्रिय चैटबॉट ‘चैटजीपीटी’ (ChatGPT), एंथ्रोपिक (Anthropic) का ‘क्लॉड’ (Claude) और एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी एक्स (X) का ‘ग्रोक’ (Grok) शामिल रहे।
वेबसाइट आउटेज पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म ‘डाउनडिटेक्टर’ (DownDetector) पर गुरुवार को इन तीनों सेवाओं को लेकर बहुत बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज की गईं।
भारत में भी दिखा असर
इस वैश्विक आउटेज का असर भारतीय यूजर्स पर भी पड़ा। भारतीय समयानुसार रात करीब 8:20 बजे डाउनडिटेक्टर पर चैटजीपीटी को लेकर 2,800 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं। इसी समय के आसपास, क्लॉड को लेकर करीब 170 और ग्रोक को लेकर 40 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज की गईं, जिससे साफ है कि भारत में भी कई कामकाजी और व्यक्तिगत यूजर्स इस समस्या से प्रभावित हुए।
अमेरिका में बड़े पैमाने पर दर्ज हुईं शिकायतें
अमेरिका में इस तकनीकी खराबी का असर बेहद व्यापक था। रात के इसी समय, अमेरिका में चैटजीपीटी को लेकर शिकायतों का आंकड़ा 35,000 से पार पहुंच गया। वहीं, क्लॉड के लिए 1,400 से अधिक और ग्रोक के लिए 1,200 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

कंपनियों ने समस्या को स्वीकारा, बहाली का काम जारी
इस बड़ी तकनीकी समस्या के बाद तीनों संबंधित कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट की:
ओपनएआई (ChatGPT): ओपनएआई ने आधिकारिक तौर पर चैटजीपीटी में आई खराबी को स्वीकार किया। कंपनी ने बताया कि चैटजीपीटी और कोडेक्स (Codex) में सामान्य से कहीं ज्यादा एरर (त्रुटियां) आ रहे हैं। इस समस्या के कारणों की जांच की जा रही है।
एंथ्रोपिक (Claude): एंथ्रोपिक ने बताया कि क्लॉड माइथोस 5.1 (Claude Mythos 5.1), क्लॉड फेबल 5.1 (Claude Fable 5.1) और क्लॉड ओपस 5 (Claude Opus 5) पर रिक्वेस्ट में आ रहे एरर के मुख्य कारणों की पहचान कर ली गई है। समस्या को जल्द सुलझाने के लिए काम जारी है।
ग्रोक (Grok): एलन मस्क के एआई चैटबॉट ग्रोक ने भी अपनी सेवा बाधित होने की पुष्टि की। ग्रोक की ओर से कहा गया कि वे तकनीकी दिक्कतों को दूर कर सेवा को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या तीनों आउटेज के पीछे कोई साझा कारण है?
एक ही समय पर तीन बड़े प्रतिस्पर्धी एआई चैटबॉट्स का डाउन होना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई भी तकनीकी रिपोर्ट या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि तीनों सेवाओं के ठप होने के पीछे कोई एक समान वजह (जैसे साझा क्लाउड सर्वर या साइबर हमला) थी। तीनों कंपनियों ने स्वतंत्र रूप से अपने प्लेटफॉर्म पर एरर आने की बात कही है, और किसी साझा तकनीकी विफलता की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, कंपनियां अपनी सेवाओं को सामान्य करने में जुटी हुई हैं, लेकिन इस घटना ने आधुनिक जीवन और व्यापार में एआई टूल्स पर बढ़ती निर्भरता और उनके तकनीकी बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।




