लंबे समय से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चल रहे किसानों के आंदोलन के बाद आखिरकार प्रशासन झुका है और किसान संघर्ष मोर्चा के साथ हुई मैराथन बैठक में एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है। तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO), जिलाधिकारी और जॉइंट पुलिस कमिश्नर के साथ हुई करीब तीन घंटे की इस उच्चस्तरीय बैठक में किसानों के 10% विकसित प्लॉट समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रशासन के साथ बनी सहमति के बाद किसान संघर्ष मोर्चा ने फिलहाल 5 अक्टूबर तक के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समयावधि में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 6 अक्टूबर से ‘पक्का मोर्चा’ खोलकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
लखनऊ स्तर पर होगी वार्ता, 21 सितंबर तक पूरा होगा होमवर्क
बैठक में यह तय हुआ कि 10% प्लॉट के मुद्दे पर 21 सितंबर तक सभी आवश्यक दस्तावेज और होमवर्क पूरा किया जाएगा। इसके बाद, मुख्य सचिव और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर के स्तर पर लखनऊ में वार्ता कराई जाएगी। इस संबंध में किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के साथ भी वार्ता हुई, जिन्होंने 5 अक्टूबर तक लखनऊ में बैठक कराने का आश्वासन दिया है। किसान नेताओं का मानना है कि यदि लखनऊ स्तर की वार्ता सफल रही, तो अंतिम समाधान के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर भी बैठक का प्रस्ताव रखा जाएगा।
डेढ़ साल के संघर्ष का परिणाम: डॉ. रुपेश वर्मा
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से किसान संघर्ष मोर्चा इस बात के लिए प्रयास कर रहा था कि तीनों प्राधिकरणों के अधिकारी एक टेबल पर बैठकर किसानों की सुध लें। 17 जुलाई, 17 अगस्त और 9 सितंबर से चल रहे उग्र आंदोलनों के दबाव के कारण ही आज प्रशासन को बातचीत की टेबल पर आना पड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2024 में ही तीनों प्राधिकरणों की बोर्ड बैठकों से 10% का प्रस्ताव पास करवाकर शासन को भेजा जा चुका है, जिस पर अब शासन स्तर से मांगे गए स्पष्टीकरण पर काम चल रहा है।
धरना-प्रदर्शन एवं वार्ता में सुखवीर खलीफा, सोरेन प्रधान के अलावा किसान सभा के महासचिव संदीप भाटी, तेजपाल प्रधान, सुरेंद्र शर्मा, अशोक आर्य, राकेश बलराज विक्रम जयप्रकाश आर्य, उम्मीद त्यागी, नरेश मुखिया, मोनू मुखिया, बाबा करतार, विनोद नगर, गबरी मुखिया, सुरेश यादव, मनोज यादव, बुधपाल यादव, सुरेंद्र यादव, सतीश उपाध्याय, धर्मेंद्र एडवोकेट, अजब सिंह नेताजी, इंद्रजीत भाटी, अजय पाल भाटी, जितेंद्र मैनेजर, सुरेंद्र भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट, राहुल नगर, ओम दत्त पंडित जी, देशराज राणा, नितिन चौहान, जगबीर नंबरदार, प्रेमपाल चौहान, उदल, सचिन एडवोकेट, पूनम देवी, तिलक देवी, रईसा बेगम, जोगेंद्र, वीणा, गीत, शांति देवी, निशांत रावल, सुशील, मुकेश, किसान सभा के संरक्षक जयकरण सिंह भाटी, सुंदर भाटी सहित सैकड़ो की संख्या में किसान उपस्थित रहे।





