उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण कार्यालयों के बाहर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन अगले एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और तीनों प्राधिकरणों के उच्च अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया। अधिकारियों ने किसानों की प्रमुख मांगों को निस्तारित करने के लिए एक महीने का समय मांगा है, जिस पर किसान संगठन ने अपनी सहमति व्यक्त की है।
राकेश टिकैत और अधिकारियों के बीच हुई मैराथन वार्ता
बुधवार को सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर चल रहे धरने में किसान नेता राकेश टिकैत स्वयं पहुंचे। अधिकारियों के अनुरोध पर वे नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए। इसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ किसान प्रतिनिधियों की विस्तृत बैठक हुई।

बैठक में किसानों की 17 सूत्री मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई। देर रात तीनों प्राधिकरणों के अधिकारी और राकेश टिकैत यमुना प्राधिकरण के बाहर जारी धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण स्तर की सभी समस्याओं का समाधान एक माह के भीतर कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद धरने को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की गई।
‘मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन’
इससे पूर्व, ट्रैक्टर पर सवार होकर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि यह पहला मौका है जब कोई ट्रैक्टर प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि दिए गए समय सीमा (एक महीने) के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक और लंबा रूप दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से तीनों प्राधिकरणों के बाहर तंबू लगाकर डेरा डाले हुए थे। किसान नेताओं का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। बैठक का संचालन बीकेयू गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने किया।
धरना स्थगित होने से प्राधिकरण कार्यालयों के आसपास स्थिति सामान्य हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भी बड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजरें एक महीने के भीतर प्राधिकरण द्वारा किए जाने वाले निस्तारण पर टिकी हैं।





