ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ग्रेनो प्राधिकरण) ने अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को पुराना हैबतपुर के डूब क्षेत्र (फ्लड जोन) में बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गई इस कार्रवाई के दौरान लगभग 40,000 वर्ग मीटर भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अनुसार, भू-माफिया और अवैध कालोनाइजर नदी के डूब क्षेत्र में बाउंड्री वॉल खड़ी कर अनधिकृत कालोनी विकसित करने का प्रयास कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद वर्क सर्किल-एक के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर एवं प्रबंधक प्रशांत समाधिया के नेतृत्व में गठित टीम ने स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।
प्राधिकरण का कड़ा रुख और निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन.जी. रवि कुमार ने परियोजना विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिसूचित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखी जाए।
अभियान का निरीक्षण कर रहे एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि मास्टर प्लान और अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत बिना वैधानिक स्वीकृति के कोई भी निर्माण अवैध माना जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और नगरीय नियोजन की दृष्टि से संवेदनशील डूब क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
नागरिकों और निवेशकों के लिए परामर्श
एसीईओ ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील की है कि वे अनधिकृत कालोनाइजरों के भ्रामक विज्ञापनों और दावों के झांसे में न आएं। किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पूर्व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर भूमि की वैधानिक स्थिति, स्वामित्व और ले-आउट की वैधता की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि उनकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके।
परियोजना विभाग के महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि पर पुनः कब्जा या निर्माण करने का प्रयास किए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कठोर विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



