नोएडा प्राधिकरण नए सीईओ कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वाकांक्षी बजट पेश करने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित आकार लगभग ₹9000 करोड़ तक पहुंच सकता है। हाल ही में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों से विस्तृत बजट ब्योरा मांगा गया है, जो प्राधिकरण के बड़े स्तर पर विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के विस्तार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रस्तावित बजट नोएडा के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने और इसे एक आधुनिक, सुनियोजित महानगर के रूप में मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बुनियादी ढांचे और अनुरक्षण पर विशेष जोर
प्रस्तावित बजट के अनुसार, सिविल कंस्ट्रक्शन, जिसमें नई और लंबित परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है, के लिए लगभग ₹2200 करोड़ रुपये का आवंटन अनुमानित है। यह आवंटन पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के ₹2400 करोड़ के प्रावधान के करीब है, और 2024-25 के ₹1200 करोड़ के मुकाबले काफी अधिक है। यह दर्शाता है कि प्राधिकरण न केवल नई परियोजनाओं को गति देने बल्कि रुकी हुई योजनाओं को भी तेजी से पूरा करने पर केंद्रित है, जो शहर के विकास में महत्वपूर्ण ठहराव को दूर करने में सहायक होगा।
वहीं, शहरी विस्तार और बढ़ती आबादी के कारण अनुरक्षण और रखरखाव कार्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसके लिए करीब ₹2400 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। यह राशि शहर के मौजूदा बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और उसकी दक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीण विकास को मिली प्राथमिकता
नोएडा के परिसीमन में आने वाले 81 गांवों के विकास के लिए इस बार बजट में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव है। इन गांवों के लिए करीब ₹250 करोड़ रुपये आवंटित किए जा सकते हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹224 करोड़ रुपये के मुकाबले एक सकारात्मक वृद्धि है। इस राशि से गांवों में नालियां, सड़कें, पेयजल व्यवस्था, पार्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को पाटा जा सके। यह एक समावेशी विकास की दिशा में प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
न्यू नोएडा परियोजना को मिलेगी गति
नोएडा प्राधिकरण की प्रमुख परियोजनाओं में से एक ‘न्यू नोएडा’ को भी इस बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा दरें लगभग तय मानी जा रही हैं, और शासन से अंतिम मंजूरी मिलते ही अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अनुमान है कि बजट का एक बड़ा हिस्सा इस दिशा में व्यय किया जाएगा, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निर्णायक होगा। इस परियोजना से क्षेत्र में नए आर्थिक अवसरों और शहरी विस्तार की अपार संभावनाएं खुलेंगी।
राजस्व वृद्धि और वित्तीय सुदृढ़ता पर फोकस
विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करने और प्राधिकरण की वित्तीय सुदृढ़ता सुनिश्चित करने के लिए, राजस्व बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस वर्ष कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और आईटी सेक्टर की नई स्कीमें लॉन्च की गई हैं, जिनसे प्राधिकरण को बड़े राजस्व की उम्मीद है।
जल विभाग के राजस्व लक्ष्य में भी संशोधन की संभावना है। वर्ष 2023-24 में 120 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 153 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, जबकि 2024-25 में करीब 150 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। पिछले दो वर्षों के प्रदर्शन को देखते हुए, इस बार जल राजस्व का लक्ष्य बढ़ाए जाने की संभावना है, जो प्राधिकरण के बेहतर वित्तीय प्रबंधन और यथार्थवादी लक्ष्यों को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट नोएडा में आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास, और न्यू नोएडा परियोजना जैसे प्रमुख एजेंडों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। यह नोएडा को एक विश्वस्तरीय आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी और रणनीतिक कदम है, जो भविष्य में क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा।


