ग्रेटर नोएडा: सोमवार की आधी रात को ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के गांव कुलेसरा में पुस्ता रोड स्थित सरकारी स्कूल के पास हुई आगजनी की घटना ने एक बार फिर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो कॉस्मेटिक दुकानों में लगी इस आग ने जहां दुकानदारों की मेहनत की कमाई को राख कर दिया, वहीं इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
घटना का विवरण पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 11:54 बजे सूचना मिली कि गांव कुलेसरा के पुस्ता रोड पर स्थित दो खोखा नुमा दुकानों में भीषण आग लग गई है। यह दुकानें स्थानीय निवासी किशन सिंह और राजन की थीं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय दुकानें बंद थीं और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकानों में रखा सारा कीमती सामान जलकर खाक हो गया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका और प्रशासन की चुनौती शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह के ‘अस्थायी ढांचों’ (खोखा नुमा दुकानों) में बिजली की गड़बड़ी से आग लगी हो। अक्सर देखा जाता है कि ऐसे इलाकों में बिजली के तारों का जाल और अवैध कनेक्शन आग की घटनाओं का मुख्य स्रोत बनते हैं।


