आउटर नोएडा/यीडा: करीब चार साल से कागजों तक सिमटी आउटर नोएडा की बहुप्रतीक्षित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना आखिरकार इस साल धरातल पर उतरने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने भूखंडों की आवंटन दरें तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिससे इस महत्वपूर्ण परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आगामी कुछ महीनों में शुरू होने के साथ ही आउटर नोएडा (यीडा क्षेत्र) में परिवहन सुविधाओं की मांग में तेजी आने वाली है। एयरपोर्ट से यात्री सेवाओं के साथ-साथ कार्गो सेवाओं का भी संचालन होगा, जिसके लिए एक सुव्यवस्थित ट्रांसपोर्ट नगर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
यीडा ने 2022 में ट्रांसपोर्ट नगर की योजना तैयार की थी। शुरुआत में 87 भूखंडों का प्रस्ताव था, लेकिन ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन की मांग पर यीडा ने भूखंडों के आकार को छोटा कर दिया था। भूखंडों के आकार पर सहमति बनने के बावजूद, आवंटन दरें निर्धारित न होने के कारण यह योजना अभी तक लॉन्च नहीं हो पाई थी, जिससे ट्रांसपोर्टरों में बेचैनी थी।
इस परियोजना में परिवहन भूखंडों के अलावा बैंक, एडमिन ब्लॉक, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, सर्विस स्टेशन और धर्म कांटा जैसी आवश्यक सुविधाएं भी शामिल होंगी। एयरपोर्ट से बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए प्राधिकरण भी जल्द से जल्द इस ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करना चाहता है।
इसी क्रम में, यीडा बोर्ड की 89वीं बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। बोर्ड ने अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) शैलेंद्र भाटिया की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य कार्य भूखंडों की आवंटन दरों को तय करना है। समिति को अगली बोर्ड बैठक तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी, जिसके बाद बोर्ड अंतिम निर्णय लेगा और भूखंड योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायों से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि समिति जल्द ही अपनी सिफारिशें देगी, जिससे आउटर नोएडा में आधुनिक और कुशल ट्रांसपोर्ट सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक होगा।


