भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर जनपद की सकल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची (निर्वाचन नामावली) का प्रकाशन कर दिया गया है। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें आधिकारिक तौर पर अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।
मतदाता सूची का विवरण
बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व) ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के बाद जनपद में मतदाताओं की कुल संख्या अब 15,05,082 हो गई है। इसका लिंगवार विवरण इस प्रकार है:
पुरुष मतदाता: 8,23,304
महिला मतदाता: 6,81,728
ट्रांसजेंडर मतदाता: 50
विधानसभा वार स्थिति
जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर मतदाताओं के आंकड़े इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
नोएडा (61): कुल 5,87,195 मतदाता (पुरुष: 3,24,477; महिला: 2,62,708; ट्रांसजेंडर: 10)
दादरी (62): कुल 6,05,204 मतदाता (पुरुष: 3,28,244; महिला: 2,76,926; ट्रांसजेंडर: 34)
जेवर (63): कुल 3,12,683 मतदाता (पुरुष: 1,70,583; महिला: 1,42,094; ट्रांसजेंडर: 06)
प्रशासन ने निष्पक्ष और सुगम मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों का विवरण भी जारी किया है। वर्तमान में पूरे जनपद में 743 मतदान केंद्र और 2,024 मतदेय स्थल (बूथ) स्थापित हैं। विधानसभा नोएडा में 811 बूथ, दादरी में 794 और जेवर में 419 बूथ बनाए गए हैं।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथ) पर जाकर मतदाता सूची का अवलोकन कर सकते हैं। यह सूची आगामी एक सप्ताह तक आम नागरिकों के निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी, ताकि वे सुनिश्चित कर सकें कि उनका नाम सूची में सही ढंग से दर्ज है।
राजनीतिक दलों की उपस्थिति
इस बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें भाजपा से धर्मेंद्र कोरी, सपा से सुधीर भाटी व अनूप तिवारी, बसपा से राजकुमार गुर्जर व मुकेश राठी, कांग्रेस से नीरज लोहिया, आम आदमी पार्टी से परशुराम चौधरी व दिलदार अंसारी और सीपीआईएम से मुकेश कुमार प्रमुख रूप से शामिल हुए।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह सूची निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुरूप तैयार की गई है, जो आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का मुख्य आधार बनेगी।


