दादरी में गुर्जर एकता को दिखाने के लिए की गई समाजवादी पार्टी की रैली ने पार्टी में एकता की जगह गुटबाजी को पूरी तरीके से सार्वजनिक कर दिया है । पहले से ही रैली में आयोजन को लेकर संयोजक राजकुमार भाटी पर कई लोगों को किनारे करने के आरोप लग रहे थे जिनमें पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी तक शामिल थे। सपा सूत्रों की माने तो गुटबाजी की पराकाष्ठा तब भी देखी गई जब अखिलेश यादव के साथ जाने वाले हेलीकॉप्टर में बैठने वाली की लिस्ट में नाम न होने के बावजूद राजकुमार भाटी ने सांसद इकरा हसन को बैठा लिया जिसके कारण सुधीर भाटी हेलीकॉप्टर में नहीं बैठ पाए । बाद में अखिलेश यादव ने हेलीकॉप्टर को पुनः सुधीर भाटी के लिए भेजा । फिर भी यह सब बातें पार्टी की रैली की सफलता की आड़ में छिप रही थी किंतु अब पार्टी में युवजन सभा प्रदेश सचिव कुलदीप भाटी ने सोशल मीडिया पर आकर एक लंबी पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी पर पार्टी संगठन को दो फाड़ करने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह राजकुमार भाटी के विरोधी गुट को बढ़ावा दे रहे हैं । पार्टी की गुटबाजी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते ही दोनों ही गुटों ने एक दूसरे के विरुद्ध आरोप लगाने शुरू कर दिए है।रोचक तथ्य यह है कि इस पूरे प्रकरण पर ना तो राजकुमार भाटी और ना ही सुधीर भाटी कुछ कहते दिखाई दे रहे हैं किंतु उन दोनों के समर्थक सोशल मीडिया पर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिए हैं ।
कुलदीप ने लिखते हुए दावा किया कि 25-30 ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जो या तो रैली में मौजूद नहीं थे या रैली का विरोध कर रहे थे । बिना संयोजक, बिना संचालक और बिना प्रमुख सहयोगकर्ताओं के सम्मान समारोह का आयोजन करना क्या यह सीधे-सीधे पार्टी को दो फाड़ करने की रणनीति है ? सम्मान समारोह के आयोजन में रैली संयोजक राजकुमार भाटी की प्रमुख भूमिका होनी चाहिए थी । खुद उन्हें ही इग्नोर करना क्या यह समानांतर पार्टी खड़े करना जैसा है ? क्या सुधीर भाटी ने पार्टी बदलने का मन बना लिया है ? उन्होंने आगे लिखा कि अब जब उन्होंने पाला खींच लिया है तो हम भी पोल खोल अभियान शुरू करेंगे

ग्रेटर नोएडा में आज एक सम्मान समारोह हुआ । बताया गया कि यह 29 मार्च की सफल रैली के आयोजन में सहायता करने वालों को सम्मानित करने के लिए किया गया है । किंतु आश्चर्य की बात यह है कि इसमें ना तो रैली के संयोजक राजकुमार भाटी मौजूद थे, न रैली का संचालन करने वाले प्रदीप भाटी और नवीन भाटी मौजूद थे । सम्मान समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया जो लगातार रैली के विरोध में बयान दे रहे हैं और रैली के संयोजक राजकुमार भाटी पर उल्टे सीधे आरोप लगा रहे हैं ।
सोशल मीडिया पर कुलदीप भाटी की पोस्ट का एक अंश
पूरे प्रकरण पर इंद्रप्रधान समर्थको की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है की रैली में 7000 लोग वह लेकर आए थे और इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर बताया जा रहा है ।
सतीश नगर नाम के एक कार्यकर्ता ने कुलदीप के समर्थन में लिखते हुए कहा कि यह कार्यक्रम कार्यकर्ता को सम्मानित करने के लिए नहीं अपनी कुर्सी बचाने के लिए किया गया था बहुत जल्द गौतम बुद्ध नगर को नया जिला अध्यक्ष मिलने जा रहा है।
वहीं विशाल चौधरी नामक एक कार्यकर्ता ने कुलदीप भाटी की पोस्ट पर लिखा कि राजकुमार भाटी का कोई वजूद नहीं है पार्टी में सही मायने में गुटबाजी राजकुमार भाटी की देन है रैली में राजकुमार भाटी ने न जाने कितने ही जिम्मेदार गुर्जर समाज के लोगों को नाराज किया इसके पल्ले कुछ नहीं है टीवी डिबेट से भला कोई नेता बनता हैं क्या नेता तो जमीन से जुड़े हुए लोग होते है जैसे दादरी में नरेंद्र भाटी जी थे।
वही कुछ लोग इस गुटबाजी को सोशल मीडिया पर न लिखें का अनुरोध भी कर रहे है ऐसे ही एक कार्यकर्ता सतवीर गुर्जर ने लिखा कि सभी समाजवादी साथियों से अनुरोध है कृपया किसी भी मुद्दे पर विवादित टिप्पणी देने से बचे अपनी सारी ताकत मिशन 2027 पर फोकस करे किसी को कोई बात रखीं है तो पार्टी कार्यालय पर करे इस तरह सोशल मीडिया को जंग का अखाड़ा ना बनाए इस तरह के बयान और टीका टिप्पणी से संघटन की डोर कमजोर होती है अभी समाजवादियों की सरकार भी नहीं बनी अभी से हिस्सेदारी को लेकर मुंगेरी लाल के सपने देख रहे हैं।
पूरे प्रकरण पर एनसीआर खबर ने समाजवादी पार्टी के वर्तमान जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी को फोन करके उनका पक्ष लेने की कोशिश की किंतु समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका था एनसीआर खबर इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखे हुए हैं अगर इस पूरे प्रकरण पर कोई भी अन्य डेवलपमेंट होगा तो उसे हम अपने पाठको तक जरूर पहुंचाहेंगे।


