नोएडा : नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारियों के चलते नोएडा, फरीदाबाद और पलवल के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल प्रमुख मार्गों को जाम किया, बल्कि फेज-2 इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी भी की, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
फेज-2 में हिंसा और पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले सोमवार सुबह से ही कर्मचारी बड़ी संख्या में सड़कों पर जुटने लगे थे। फेज-2 क्षेत्र में प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों ने वहां खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों ने नोएडा के थाना फेस टू इलाके में जमकर हंगामा शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन लगातार यह दावे करता रहा कि उन्होंने इस मामले में मध्यस्थता कर दी है। लेकिन उसका प्रभाव आज नहीं देखने को मिला। नोएडा में कई जगह कर्मचारियों ने हंगामा किया, आग लगे ,… pic.twitter.com/I4CinsycrC
— NCRKHABAR (@NCRKHABAR) April 13, 2026
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें?
प्रदर्शनकारियों ने कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकाला और सेक्टर-60 में भी सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से उनकी सैलरी में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- न्यूनतम वेतन को 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना।
- ओवरटाइम का उचित भुगतान सुनिश्चित करना।
- छुट्टियों के लिए अलग और स्पष्ट प्रावधान बनाना।
मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी और यातायात संकट
इस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों को वीडियो बनाने से रोका और उनके साथ धक्का-मुक्की तथा धमकी देने की घटनाएं सामने आईं।
विरोध प्रदर्शन के कारण नोएडा के प्रमुख रास्तों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा। दफ्तर जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई रूटों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
प्रशासनिक तैयारियां रहीं नाकाम, अफवाहों ने घी का काम किया
हैरानी की बात यह है कि रविवार को ही पुलिस कमिश्नरेट, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी और उनकी जायज मांगों को मनवाने का भरोसा दिया था। हालांकि, सोमवार की घटनाओं ने प्रशासन के दावों और तैयारियों की पोल खोल दी।
सूत्रों के अनुसार, रविवार को सोशल मीडिया पर एक महिला श्रमिक को गोली लगने की एक फर्जी वीडियो और अफवाह वायरल हुई थी, जिसने श्रमिकों के आक्रोश को और भड़का दिया। प्रशासन अभी तक इस पूरे प्रदर्शन को प्रायोजित करने वाले चेहरों की पहचान करने में विफल रहा है।
फरीदाबाद और पलवल तक फैली विरोध की आग
प्रदर्शन का असर केवल नोएडा तक सीमित नहीं रहा। फरीदाबाद के सेक्टर-37 सराय ख्वाजा इलाके में एक निजी कंपनी के 500 से अधिक कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। वहीं, पलवल के पृथला के पास ‘साई ऑटो’ कंपनी के कर्मचारियों ने आगरा हाईवे को जाम कर दिया, जिससे दिल्ली-आगरा मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
पुलिस का बयान
पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उपद्रव करने वाले तत्वों की पहचान की जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रबंधन के सामने रखने की अपील की है।
फिलहाल, नोएडा से लेकर पलवल तक पुलिस प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में तो जुटा है, लेकिन श्रमिकों की अडिग मांगों और प्रशासन के प्रति अविश्वास ने स्थिति को तनावपूर्ण बना रखा है।


