ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और श्रमिकों व फैक्ट्री मालिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से रविवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
नए दिशा-निर्देशों पर चर्चा बैठक के दौरान कारखाना विभाग के नए दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एडीएम मंगलेश दुबे ने स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रमिकों के अधिकारों का पूर्ण सम्मान होना चाहिए।
वेतन और बोनस के लिए समय सीमा तय प्रशासन की ओर से उद्योगों को निर्देश दिया गया है कि:
ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश: यदि किसी श्रमिक से ओवरटाइम कराया जाता है, तो उसका भुगतान दोगुनी दर से करना होगा। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य है। यदि रविवार को कार्य कराया जाता है, तो उसका भी भुगतान दोगुनी दर पर होगा।
बोनस: सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक अनिवार्य रूप से उनके बैंक खातों में कर दिया जाना चाहिए।
वेतन भुगतान: महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान एकमुश्त होना चाहिए और साथ ही वेतन पर्ची (Salary Slip) देना अनिवार्य है।
न्यूनतम मजदूरी: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली वेतन वृद्धि को उसकी निर्धारित तिथि से ही लागू करना होगा।
महिला सुरक्षा और कार्यस्थल का माहौल श्रमिकों के सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षा पर जोर देते हुए अधिकारियों ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कारखाने में ‘यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता अनिवार्य रूप से एक महिला ही करेगी। इसके अलावा, फैक्ट्री परिसर में शिकायत पेटी (Complaint Box) लगाना भी अनिवार्य होगा ताकि श्रमिक अपनी समस्याएं बिना किसी डर के साझा कर सकें।
पुलिस और प्राधिकरण की अपील
बैठक में मौजूद डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता उद्यमियों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर शांति व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने औद्योगिक संगठनों से सहयोग की अपेक्षा की। वहीं, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने उद्यमियों से अपील की कि वे फैक्ट्रियों में एक स्वस्थ और सकारात्मक कार्य वातावरण विकसित करें ताकि उत्पादन और विकास दोनों को गति मिल सके।
इस बैठक में ग्रेटर नोएडा के प्रमुख औद्योगिक संगठनों जैसे नोएडा एंट्रेप्रिन्योर एसोसिएशन (NEA), इंडिया इंडस्टरीज एसोसिएशन (IIA), लघु उद्योग भारती और ईकोटेक-12 एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। प्राधिकरण की ओर से एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी नवीन कुमार सिंह और प्रबंधक उद्योग अरविंद मोहन सिंह भी मौजूद रहे।
इस पहल से स्थानीय निवासियों और औद्योगिक कार्यबल में सकारात्मक संदेश गया है, जिससे आने वाले समय में औद्योगिक विवादों में कमी आने की उम्मीद है।


