नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में अपनी सख्त कार्यशैली और विकासोन्मुखी नज़रिया के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व जिलाधिकारी (गौतम बुद्ध नगर) और सेवानिवृत्त परिवहन आयुक्त, ब्रजेश नारायण सिंह (बी.एन. सिंह) ने हालिया पॉडकास्ट में अपने करियर के उतार-चढ़ाव और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। यह बातचीत न केवल उनके अनुभव को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि नौकरशाही से बाहर निकलकर अब वे सक्रिय राजनीति की मुख्यधारा में आने के लिए तैयार हैं।
कोरोना काल की चुनौतियाँ और जवाबदेही
पॉडकास्ट के दौरान बी.एन. सिंह ने 2020 की कोरोना महामारी के भयावह दौर को याद किया। नोएडा जैसे घनी आबादी वाले और संवेदनशील जिले में बतौर डीएम, संकट प्रबंधन (Crisis Management) की चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद केवल एक ओहदा नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में जनता के प्रति ली गई एक शपथ है। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हुए बताया कि किस प्रकार चुनौतीपूर्ण समय में त्वरित निर्णय लेना ही शासन की असली परीक्षा होती है।
विकास का ‘नोएडा मॉडल’: जेवर एयरपोर्ट और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
बी.एन. सिंह ने अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में ‘जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ के लिए हुए भूमि अधिग्रहण को गिनाया। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती किसानों का भरोसा जीतना थी। संवाद और पारदर्शिता को अपना हथियार बनाकर उन्होंने प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया। इसी के साथ, उन्होंने ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे’ के निर्माण में आई अड़चनों को दूर करने के अपने अनुभवों को साझा किया, जो आज उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास का एक बड़ा उदाहरण है।
परिवहन विभाग में तकनीक और माफिया पर नकेल
परिवहन आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने तकनीक के एकीकरण पर विशेष बल दिया। लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चैटबॉट का उपयोग हो या ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसे अभियान, सिंह ने परिवहन विभाग को आम आदमी के लिए अधिक सुलभ बनाने के प्रयास किए। साथ ही, उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एनएसए (NSA) जैसे सख्त कानून लागू करने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई।
‘कोऑपरेशन 17’ और राजनीति की ओर झुकाव
सेवानिवृत्ति के बाद अब बी.एन. सिंह समाज सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। अपनी संस्था ‘कोऑपरेशन 17’ के माध्यम से वे धरातल पर बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राजनीति में उतरने की संभावनाओं पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने सकारात्मक संकेत दिए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अब सक्रिय चुनावी राजनीति में अपनी दूसरी पारी शुरू कर सकते हैं।
शीर्ष नेतृत्व और शासन प्रणाली पर बेबाक राय
पॉडकास्ट के ‘रैपिड फायर’ दौर में उन्होंने शासन प्रणालियों और अपने आदर्श राजनेताओं पर खुलकर बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि एक कुशल प्रशासन के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना अनिवार्य है।
बी.एन. सिंह का यह साक्षात्कार एक कुशल प्रशासक की मानसिक परिपक्वता और जन-सरोकार के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। यदि वे चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो निश्चित रूप से उनका प्रशासनिक अनुभव और विकास का एजेंडा यूपी की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ ला सकता है।


