नोएडा: बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। अब बिजली गुल होने, मीटर तेज चलने या अन्य किसी भी विद्युत संबंधी समस्या के लिए उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने रविवार को जिले में एक हाईटेक हेल्पलाइन सुविधा की शुरुआत की है, जिससे शिकायतों का निपटारा अब चुटकियों में हो सकेगा।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही दर्ज होगी शिकायत
निगम द्वारा शुरू की गई इस नई व्यवस्था के तहत, उपभोक्ता को केवल एक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही उपभोक्ता सीधे गूगल फॉर्म (Google Form) पर पहुंच जाएंगे, जहाँ वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग को इसकी सूचना स्वतः मिल जाएगी। समाधान होने के बाद उपभोक्ता को उनके ई-मेल पर इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
प्रदेश में पहली बार गौतमबुद्ध नगर से शुरू की गई
इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को पारदर्शी और त्वरित बनाना है। इसमें बिजली बिल, खराब मीटर, नए कनेक्शन, लो वोल्टेज, बिजली कटौती, एमआरआई (MRI) और लाइन संबंधी सभी प्रकार की शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी, ताकि शिकायतों का फॉलोअप लेना आसान हो सके।
पुरानी व्यवस्था से मिलेगी निजात
अब तक उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल करना पड़ता था, जिसका रिस्पांस रेट अक्सर धीमा होता था। इसके विकल्प के रूप में उपभोक्ताओं को कार्यालय जाकर लिखित प्रार्थना पत्र देना पड़ता था, जिसमें समाधान के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा सेक्टर-18 में शुरू की गई पुरानी हेल्पलाइन व्यवस्था में भी उपभोक्ताओं को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी।

नई क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से न केवल उपभोक्ताओं के समय की बचत होगी, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। अधिकारियों का दावा है कि इस पहल से शिकायतों के लंबित रहने की समस्या खत्म होगी और जवाबदेही तय हो सकेगी।
स्थानीय निवासियों के लिए यह डिजिटल पहल निश्चित रूप से बिजली विभाग के साथ उनके अनुभवों को अधिक सुगम बनाएगी।


