ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने भनौता गांव में लगभग 40 हजार वर्ग मीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। मुक्त कराई गई इस जमीन की बाजार दर पर अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अवैध प्लॉटिंग की कोशिश हुई नाकाम प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। जानकारी के मुताबिक, ग्राम भनौता के खसरा संख्या 132, 133 और 135 की जमीन प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित और अर्जित की जा चुकी है। इसके बावजूद, कुछ कॉलोनाइजर इस जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग करने और निर्माण कार्य कराने की कोशिश कर रहे थे।
दो घंटे तक चला ध्वस्तीकरण अभियान प्राधिकरण के परियोजना विभाग (वर्क सर्किल-2) के नेतृत्व में मंगलवार को भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों के साथ टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार, प्रबंधक रोहित गुप्ता, अभिषेक सिंह और सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी की मौजूदगी में बुल्डोजर चलाकर अवैध ढांचे को ढहा दिया गया। यह पूरी कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा यहां निर्माण की कोशिश की गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की जनता से अपील ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए या बिना अनुमति के निर्माण करना पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और संभावित खरीदारों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी अवैध कॉलोनी में न फंसाएं।

एसीईओ ने सुझाव दिया कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले खरीदार प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर जमीन की स्थिति की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
टीम में शामिल अधिकारी प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई वर्क सर्किल-2 की टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई है। प्राधिकरण भविष्य में भी इस तरह के अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखेगा।


