नोएडा। सेक्टर-118 स्थित सुपरटेक द रोमानो (Supertech The Romano) सोसायटी में इस समय हड़कंप मचा हुआ है। यहाँ की व्यवस्था संभालने वाली मेंटिनेंस एजेंसी के अचानक काम छोड़कर गायब हो जाने से करीब 400 परिवारों के सामने बुनियादी सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसे लोग
एजेंसी के जाते ही सोसायटी की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। निवासियों का कहना है कि पानी की सप्लाई बाधित है, बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है और लिफ्ट के संचालन पर भी खतरा मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, मरीजों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। इसके अलावा, सुरक्षा कर्मियों के हटने से पूरी सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है।
बिना सूचना गायब हुई एजेंसी सोसायटी
निवासी लोकेंद्र सिंह राठौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ‘वाईजी एस्टेट’ (YG Estate) नाम की एजेंसी लंबे समय से सोसायटी का मेंटिनेंस देख रही थी। निवासियों का आरोप है कि एजेंसी नियमित रूप से उनसे मेंटिनेंस शुल्क वसूलती रही, लेकिन 14 मई को बिना किसी पूर्व सूचना, हैंडओवर या जरूरी दस्तावेजों को सौंपे अचानक गायब हो गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने एजेंसी के तीन मालिकों—नितिश अरोड़ा, अरुण चौहान और हरीश शर्मा के खिलाफ सेक्टर-113 थाने में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एजेंसी ने अचानक इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।

बिल्डर के दिवालिया होने से बढ़ी मुश्किलें
निवासियों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए हो गई है क्योंकि सुपरटेक बिल्डर पहले ही दिवालिया घोषित हो चुका है। सोसायटी में अभी तक ‘अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन’ (AOA) का भी गठन नहीं हुआ है, जिसके कारण वैकल्पिक व्यवस्था करने में निवासियों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
सेक्टर-113 थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सोसायटी के निवासी अपने स्तर पर आपातकालीन प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि दैनिक जीवन की आधारभूत जरूरतें पूरी की जा सकें।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बिल्डर की लापरवाही और दिवालियापन के बीच आम खरीदार की मेहनत की कमाई और सुरक्षा का जिम्मा आखिर किसका है? स्थानीय निवासी अब प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि सोसायटी की व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।


