लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) श्रीचंद शर्मा ने आज लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। इस दौरान उन्होंने गौतमबुद्धनगर के जेवर स्थित ग्राम बनवारीवास में 14 वर्षीय छात्र गोपाल शर्मा की जघन्य हत्या और सहारनपुर में मंदिर के पुजारी के साथ हुई अपमानजनक घटना को लेकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
श्रीचंद शर्मा ने जेवर में हुई छात्र की निर्मम हत्या पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सहारनपुर में एक मंदिर के पुजारी के साथ हुई घटना का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की।
इस मुलाकात में श्रीचंद शर्मा के साथ विधायक उमेश द्विवेदी, मानवेंद्र प्रताप सिंह, अवनीश कुमार सिंह और हरि सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। श्रीचंद शर्मा समेत सभी विधायकों ने शिक्षक क्षेत्र की सेवा हेतु पार्टी द्वारा उन्हें पुनः प्रत्याशी बनाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करने गये थे।
क्या था जेवर का गोपाल हत्याकांड?
जेवर के बनवारीवास गांव निवासी 15 वर्षीय छात्र गोपाल शर्मा 21 मई को रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था, जिसका शव अगले दिन पड़ोसी गांव रोही के एक बंद मकान में मिला था। शव की हालत देख ग्रामीणों ने छात्र के साथ कुकर्म के बाद गुप्तांग और आंखों को चोट पहुंचाते हुए तेजाब डालकर निर्मम हत्या का आरोप लगया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। 23 मई को इस घटना के बाद ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर जाम लगाकर एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस ने किया खुलासा, दादी की डांट बनी हत्या की वजह
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण, पुलिस उपायुक्त डॉ. प्रवीण रंजन और एसीपी सार्थक सेंगर ने बुधवार को थाने में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि बुधवार को साबौता कट के पास बाइक पर सवार तीन संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी उमेश और नरेश के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे आरोपी मोहित ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। अस्पताल से निकलने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्र से कुकर्म होने जैसी बात पूरी तरह से गलत है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जल्द मामले की जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की जाएगी।
राजीव नारायण मिश्रा, अपर पुलिस आयुक्त
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि छात्र व आरोपी साथ में हुक्का पीते थे, मृतक की दादी ने उन्हें राजपूताना बैठक में हुक्का पीने को लेकर खरी-खोटी सुनाई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने 21 मई को गोपाल को बहला-फुसलाकर बैठक में बुलाया और उसे हुक्का पिलाया था, उसके बाद दीवार से सिर टकराकर उसकी हत्या कर दी थी।
प्रशासन की ओर से अब आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर भी चलाया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि योगी सरकार में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।


